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जब तक फूल न झर जाएँवां3एपिसोड

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जब तक फूल न झर जाएँ

सात साल पहले, सम्राट आदित्य ने अपनी प्रिय काव्या को खो दिया। बरसी के दिन भेष बदलकर हरिपुर जाने पर उसे अंधी काव्या और उसके जुड़वां बच्चों का पता चलता है। सच सामने आता है कि राजमाता ने उसे महल से निकलवाया था। साजिशों और हमलों के बीच, सान्या काव्या को फंसाने की कोशिश करती है, लेकिन राजमाता सच्चाई जानकर पीछे हटती है। अंत में आदित्य और काव्या मिल जाते हैं और परिवार एक हो जाता है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

गरीब बच्चों की मासूमियत ने छू लिया दिल

जब तक फूल न झर जाएँ में दो गरीब बच्चों की मासूमियत और उनके बीच का प्यार देखकर दिल पिघल गया। राजा का चेहरा देखकर लगता है कि वह भी इन बच्चों से प्रभावित हुए हैं। बच्चों के कपड़े फटे हुए हैं, लेकिन उनके चेहरे पर मुस्कान है। यह दृश्य बहुत ही भावुक कर देने वाला है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे दृश्य देखना बहुत अच्छा लगता है।