जब तक फूल न झर जाएँ में दिखाया गया यह दृश्य सच में रोंगटे खड़े कर देने वाला है! एक तरफ राजसी ठाठ-बाट से सजी रानी माँ का क्रूर चेहरा और दूसरी तरफ बेचारे बच्चों को जबरदस्ती खींचकर ले जाया जाना। जब वे लोग चले गए, तो वह दृश्य जहाँ नायिका अपने घायल प्रेमी को गोद में लिए रो रही है, दिल को चीर देता है। रानी के चेहरे पर आया वह सदमा और डर साफ दिखाता है कि शायद उसने सोचा नहीं था कि हालात इतने बिगड़ जाएंगे। नेटशॉर्ट ऐप पर यह ड्रामा देखना एक अलग ही अनुभव है, हर पल सस्पेंस बना रहता है!