जब तक फूल न झर जाएँ, इस दृश्य में सम्राट की आँखों में गुस्सा और बेचैनी दोनों साफ़ दिख रहे हैं। हरे वस्त्र वाली युवती की मासूमियत और बच्चे का डरना दिल को छू लेता है। परिधानों की बारीक़ कारीगरी और पृष्ठभूमि का वास्तुशिल्प इतिहास को जीवंत कर देता है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे दृश्य देखकर लगता है जैसे स्वयं उस प्राचीन दरबार में खड़े हों। हर भावना इतनी स्पष्ट है कि शब्द कम पड़ जाते हैं।