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जब तक फूल न झर जाएँवां9एपिसोड

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जब तक फूल न झर जाएँ

सात साल पहले, सम्राट आदित्य ने अपनी प्रिय काव्या को खो दिया। बरसी के दिन भेष बदलकर हरिपुर जाने पर उसे अंधी काव्या और उसके जुड़वां बच्चों का पता चलता है। सच सामने आता है कि राजमाता ने उसे महल से निकलवाया था। साजिशों और हमलों के बीच, सान्या काव्या को फंसाने की कोशिश करती है, लेकिन राजमाता सच्चाई जानकर पीछे हटती है। अंत में आदित्य और काव्या मिल जाते हैं और परिवार एक हो जाता है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

बच्चे की आँखों में छुपा दर्द

जब तक फूल न झर जाएँ में इस दृश्य ने दिल छू लिया। गंदे कपड़ों वाला बच्चा जब अमीर आदमी से टकराता है, तो उसकी आँखों में गुस्सा और डर दोनों दिखते हैं। महिला की चिंतित मुद्रा और पुरुष की नाराजगी के बीच बच्चे का रोना सच्चा लगता है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे इमोशनल सीन्स देखकर लगता है कि कहानी गहरी है। हर एक्टर ने अपने रोल को जीवंत किया है, खासकर बच्चे का एक्सप्रेशन यादगार है।