जब तक फूल न झर जाएँ में राजा का चेहरा देखकर लगता है कि वो भी अंदर से टूट चुका है। बच्ची के रोने और माँ के चीखने से पूरा दरबार कांप उठा। राजा की चुप्पी सबसे ज्यादा डरावनी थी — जैसे वो खुद को रोक रहा हो। ऑफिसर की बातें सुनकर लगता है कि न्याय नहीं, बस दिखावा चल रहा है। नेटशॉर्ट पर ऐसे इमोशनल सीन्स देखकर दिल भारी हो जाता है।