जब तक फूल न झर जाएँ में राजकुमार का चेहरा देखकर दिल दहल गया। उसकी आँखों में सिर्फ गुस्सा नहीं, बल्कि एक गहरा दर्द था जो शायद उसके अतीत से जुड़ा है। बच्चों की मासूमियत और उनकी गरीबी ने उस कठोर हृदय को भी पिघला दिया। वह छोटी लड़की जब अपना कीमती गहना वापस मांगती है, तो लगता है जैसे वह सिर्फ एक वस्तु नहीं, बल्कि अपनी आखिरी उम्मीद वापस मांग रही हो। यह दृश्य भावनाओं से भरपूर था और दर्शकों को बांधे रखता है।