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(डबिंग) तुम थे मेरी कायनातवां13एपिसोड

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(डबिंग) तुम थे मेरी कायनात

नैना वर्मा, सिंघानिया के ड्राइवर की बेटी, सात साल अद्वैत से प्रेम किया। एक रात वह उसकी गुप्त प्रेमिका बनी, दो साल सेवा की। सोनम के लौटते ही ठुकराई गई, शोध चुराया गया, सीढ़ियों से गिरा दिए जाने पर भी थप्पड़ खाया। टूटकर विदेश चली गई। तीन साल बाद नोबेल विजेता प्रोफ़ेसर आइवी बनकर लौटी। पछताता अद्वैत उसे ढूँढता है, पर वह कबीर मल्होत्रा के साथ नया जीवन जी रही है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

केक गिरने की आवाज़

आदित्य के हाथ से केक गिरना उसकी टूटी हुई दुनिया को दर्शाता है। उसे लगा नैना हमेशा इंतज़ार करेगी पर उसने खुद को चुना। ग्रेजुएशन पार्टी में विदाई का ये पल दिल को छू गया। नेटशॉर्ट ऐप पर ये दृश्य देखकर रूला दिया। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में दिखाया गया है कि किसी को हल्के में लेने का नतीजा क्या होता है। सच में बहुत दर्दनाक अंत है जो दर्शकों को झकझोर देता है।

नैना का आत्मसम्मान

नैना का बिना पीछे मुड़े चले जाना बहुत ताकतवर था। उसने सालों का प्यार ठुकरा दिया क्योंकि उसे अपनी महत्व समझ आ गई। आदित्य को झटका लगा जब वो चली गई। लक्जरी कार वाला दृश्य बहुत संतोषजनक लगा। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में नैना का किरदार बहुत प्रेरणादायक है। उसने साबित किया कि इज्जत ही सब कुछ है। आत्मसम्मान से बढ़कर कुछ नहीं।

रिश्तों की उलझन

सोनम के सामने आदित्य का नैना से बात करना अजीब लगा। पर असली दर्द नैना की आँखों में था। शोध सीट का बहाना सिर्फ एक कारण था। रिश्तों की ये उलझन बहुत गहराई से दिखाई गई है। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में हर किरदार की भावनाएं सच्ची लगती हैं। ये शो देखकर रिश्तों की कद्र करना सीख मिलता है। बहुत गहरा असर छोड़ता है।

स्कार्फ का संदेश

स्कार्फ वापस करना मतलब प्यार वापस लौटा देना। इस छोटे से इशारे ने आदित्य को तोड़ दिया। उसे समझ नहीं आया कि वो क्यों जा रही है। उड़ान का समय बताकर जल्दबाजी दिखाई गई। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में हर पल दर्द महसूस होता है। अभिनय इतना शानदार है कि आप खुद को नैना की जगह पाते हैं। दिल दहला देने वाला है।

सफेद सूट वाला राज

सफेद सूट वाला लड़का आया तो लगा नैना अकेली नहीं है। आदित्य केक लेकर खड़ा रह गया। ये दृश्य प्रतीक बहुत गहरा था। उसने सब कुछ खो दिया था। नेटशॉर्ट पर ये श्रृंखला देखना बनता है। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में नाटक और भावना का सही संतुलन है। अंत देखकर हैरानी हुई पर खुशी भी मिली। नैना की जीत हुई।

वेधशाला का वादा

वेधशाला जाने का वादा याद दिलाकर नैना ने दर्द दिया। आदित्य ने कई वादे तोड़े थे सोनम के लिए। ग्रेजुएशन के दिन विदाई होना बहुत भारी लगा। बैलून और खुशी के बीच उदासी छा गई। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात हमें सिखाता है कि इंतज़ार करने वालों को भी जाना चाहिए। बहुत ही भावुक कहानी है ये। आँखें नम हो जाती हैं।

आदित्य का पछतावा

आदित्य ने पूछा वो बिना बताए कहाँ गई। उसे लगा नैना हमेशा वहीं रहेगी। केक गिरने की आवाज़ मेरे दिमाग में गूंजी। अभिनय बहुत स्वाभाविक और दमदार है। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में हर दृश्य आपको बांधे रखता है। आदित्य का पछतावा साफ़ दिख रहा था पर्दे पर। सच में लाजवाब प्रदर्शन है। देखने लायक है।

दोस्त की वफादारी

नैना के दोस्त ने वफादारी निभाई और संदेश पहुँचाया। आदित्य भीड़ में खड़ा रह गया। पार्टी के बैलून उदास माहौल के विपरीत थे। ये अंतर बहुत अच्छा लगा। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में सहायक पात्र भी अच्छे हैं। नेटशॉर्ट ऐप पर गुणवत्ता सामग्री मिलना दुर्लभ है पर ये शो श्रेष्ठ है। सबको देखना चाहिए।

वापसी नहीं होगी

नैना ने साफ़ कहा वो वापस नहीं आएगी। कोई दूसरा मौका नहीं इस बार। आदित्य की असलियत बहुत देर से खुली। कारें दूर जाती दिखाई दीं। ये अंत अंतिम था। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में प्यार का सबक कठोर है। नेटशॉर्ट पर लगातार देखने का मन करता है। हर कड़ी में नया मोड़ है। बिल्कुल न चूकें।

दृश्य शानदार

ग्रेजुएशन सेटिंग में बैलून और सजावट उदासी को बढ़ाती है। सफेद पोशाक और नीली वेस्ट अलग रास्ते दिखाते हैं। लक्जरी कारें स्थिति बदलाव बताती हैं। दृश्य रूप से ये कड़ी अद्भुत है। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात की छायांकन भी तारीफ़ के लायक है। हर दृश्य में कहानी छिपी है। जरूर देखें। बहुत पसंद आएगा।