PreviousLater
Close

(डबिंग) तुम थे मेरी कायनातवां20एपिसोड

like2.6Kchase4.5K

(डबिंग) तुम थे मेरी कायनात

नैना वर्मा, सिंघानिया के ड्राइवर की बेटी, सात साल अद्वैत से प्रेम किया। एक रात वह उसकी गुप्त प्रेमिका बनी, दो साल सेवा की। सोनम के लौटते ही ठुकराई गई, शोध चुराया गया, सीढ़ियों से गिरा दिए जाने पर भी थप्पड़ खाया। टूटकर विदेश चली गई। तीन साल बाद नोबेल विजेता प्रोफ़ेसर आइवी बनकर लौटी। पछताता अद्वैत उसे ढूँढता है, पर वह कबीर मल्होत्रा के साथ नया जीवन जी रही है।
  • Instagram
इस एपिसोड की समीक्षा

क्लास में लेट आना महंगा पड़ा

किरण झा की क्लास में लेट आना महंगा पड़ा। आदित्य को सौ बार नियमावली लिखनी पड़ी। सजा के बीच भी नैना की मदद दिल को छू गई। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में ये ट्विस्ट बहुत गजब का था। रात भर क्लासरूम में लिखते हुए आदित्य का गुस्सा साफ दिख रहा था। नेटशॉर्ट पर देखने का अनुभव अच्छा रहा। मुझे ये शो बहुत पसंद आया।

नैना का पीला लुक क्लासी था

पीली ड्रेस में नैना वर्मा का लुक क्लासी था। उसने अपना पेन दिया जब आदित्य को जरूरत थी। ये छोटी सी बात बड़ी लगती है। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात की स्टोरीलाइन धीरे धीरे खुल रही है। बेड वाला दृश्य देखकर हैरानी हुई कि वो वहां कैसे पहुंची। मुझे ये कहानी बहुत पसंद आ रही है। हर पल नया है।

पुरानी यादों का साया

पुरानी यादों में वो लड़की नोट्स सजा रही थी। आदित्य को स्मृतियां ताजा हुईं। क्या वो ही नैना थी? कहानी में गहराई है। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात देखते वक्त हर दृश्य पर ध्यान देना पड़ता है। वीडियो की गुणवत्ता भी बहुत अच्छी लगी मुझे। कहानी में रहस्य बना हुआ है। मुझे ये पसंद है।

सौ बार लिखना आसान नहीं

सौ बार लिखना आसान नहीं होता। आदित्य के हाथ में पट्टी थी फिर भी वो लिखता रहा। किरण झा मैडम बहुत सख्त हैं। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में किरदारों के बीच की केमिस्ट्री देखने लायक है। रात के दृश्य में रोशनी बहुत मूडी थी। मुझे ये ड्रामा बहुत भा रहा है। कहानी अच्छी है।

घर पर नैना का मिलना

अंत में आदित्य के घर पर नैना का मिलना चौंकाने वाला था। वो बिस्तर पर सो रही थी। आदित्य हैरान रह गया। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात का हर एपिसोड नया सस्पेंस लाता है। मुझे ये ड्रामा देखना बहुत पसंद आ रहा है। कहानी में रोमांच बना हुआ है। आगे क्या होगा।

डायरी में नफरत के शब्द

आदित्य ने डायरी में नफरत लिखी पर आंखों में दर्द था। वो नैना से नफरत करता है या खुद से? सवाल बने हुए हैं। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात की अभिनय बहुत स्वाभाविक लगी। क्लासरूम का माहौल बिल्कुल असली विश्वविद्यालय जैसा बनाया गया है। मुझे ये किरदार पसंद आए। बहुत अच्छे हैं।

टीचर की सख्त धमकी

किरण झा ने मां को फोन करने की धमकी दी। आदित्य चुप हो गया। शिक्षक और छात्र का झगड़ा आम बात है। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में ये संवाद बहुत दमदार थे। हिंदी डबिंग में भावनाएं बिल्कुल सही तरीके से उभरे हुए हैं। मुझे ये शो बहुत अच्छा लगा। सब देखें।

पेन बदलने वाला पल

पेन बदलने वाला दृश्य बहुत रोमांटिक लगा। नैना ने सीमित संस्करण पेन दिया। आदित्य हैरान रह गया। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में छोटी छोटी बारीकियों पर ध्यान दिया गया है। मुझे ये दृश्य बार बार देखने का मन कर रहा है। कहानी बहुत दिलचस्प है। मजा आ रहा है।

रात का सन्नाटा और मेहनत

रात में खाली कक्षा में आदित्य अकेला था। सन्नाटा और उसकी मेहनत दिल को छू गई। वो थक गया था पर रुका नहीं। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात का ये दृश्य बहुत भावुक था। कैमरा कोणों ने अकेलेपन को बहुत अच्छे से दिखाया है। मुझे ये कहानी बहुत पसंद आई। सबको पसंद आएगी।

पेचीदा रिश्तों की गांठ

आदित्य और नैना के बीच क्या चल रहा है? कल तक की दुश्मनी आज की मदद। रिश्ते पेचीदा हैं। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात की कहानी में उतार चढ़ाव बहुत हैं। मुझे अगला भाग देखने की बेसब्री है। कहानी में रोमांच बना हुआ है। जल्दी देखें।