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(डबिंग) तुम थे मेरी कायनातवां8एपिसोड

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(डबिंग) तुम थे मेरी कायनात

नैना वर्मा, सिंघानिया के ड्राइवर की बेटी, सात साल अद्वैत से प्रेम किया। एक रात वह उसकी गुप्त प्रेमिका बनी, दो साल सेवा की। सोनम के लौटते ही ठुकराई गई, शोध चुराया गया, सीढ़ियों से गिरा दिए जाने पर भी थप्पड़ खाया। टूटकर विदेश चली गई। तीन साल बाद नोबेल विजेता प्रोफ़ेसर आइवी बनकर लौटी। पछताता अद्वैत उसे ढूँढता है, पर वह कबीर मल्होत्रा के साथ नया जीवन जी रही है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

नैना का दर्द और संघर्ष

नैना की आँखों में दर्द साफ़ दिख रहा था जब उसे नकल का आरोप लगा। वो टूट गई पर हारी नहीं। उसने तीन शहरों की लाइब्रेरी की बात की जो सच लग रही थी। आंद्रे के आगमन ने सब बदल दिया। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में ये सीन बहुत भावुक था। अकादमिक दबाव को बहुत अच्छे से दिखाया गया है। हर विद्यार्थी इस दर्द को समझ सकता है। सच्चाई की जीत होती दिखी।

आंद्रे का निडर साथ

आंद्रे सिंघानिया जैसे रक्षक हर किसी को चाहिए। जब वो नैना के लिए खड़ा हुआ, तो माहौल पलट गया। चांसलर को फोन करने की धमकी निडर थी। सोनम का चेहरा देखने लायक था जब सच सामने आया। इस ड्रामे में हर मोड़ पर हैरानी है। वीपी का रवैया भी काबिले गौर था। नैना को सहारा मिला। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात का ये अंश बहुत पसंद आया।

सोनम की अकड़ टूटी

सोनम को लगा वो जीत गई जब वाइस प्रिंसिपल ने नैना को डांटा। पर उसे नहीं पता था आंद्रे इस डेटा का हिस्सा है। उसका भरोसा डर में बदल गया। थिसिस के डेटा सोर्स पर सवाल ने सब साफ कर दिया। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात का ये मोड़ बहुत तेज़ था। सोनम की अकड़ टूटती दिखी। नैना की जीत हुई।

न्याय की आवाज़

वाइस प्रिंसिपल ने नैना को सुने बिना ही परख लिया। अधिकार का ये रवैया गलत था। पर आंद्रे ने उसे चुप करा दिया। डायलॉग डिलीवरी बहुत दमदार थी। कॉलेज में न्याय कैसा होना चाहिए ये इस सीन में दिखा। नैना का सब्र और आंद्रे का गुस्सा दोनों बेहतरीन थे। देखने में मज़ा आया। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में ऐसी कहानी मिलती है।

थीसिस का सच

नकल का आरोप बहुत गंभीर होता है। नैना की मेहनत बनाम सोनम का दावा। तीसरे अध्याय के डेटा की बारीक़ी बहुत खास थी। आंद्रे का उस डेटा को जानना साबित करता है वो शामिल था। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात की लेखन बहुत मज़बूत है। छोटी बारीक़ी से बड़ा सच सामने आ गया। कहानी में दम है।

भावनाओं का सागर

नैना की आँखों में आँसू थे पर वो डटी रही। सोनम अंत में हिल गई थी। आंद्रे शांत लेकिन खतरनाक लग रहा था। इस सीन में भावनाओं का दायरा बहुत बड़ा है। दर्शक को कहानी में खींच लेती है। अभिनय ने जान डाल दी है। हर किरदार का वजन बराबर है। बहुत प्रभावशाली सीन है। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात को सब देखें।

डायलॉग बाजी

क्या सोनम ने नकल की? ये सवाल बहुत गहरा था। नैना ने उल्टी चाल का इस्तेमाल किया। आंद्रे ने बैकअप दिया तो बात पक्की हुई। हिंदी डबिंग ने जज़्बात बढ़ा दिए। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात को देखने का मज़ा ही अलग है। डायलॉग बाजी में नैना बाजी मार गई। रहस्य बना रहा। अंत अच्छा था।

कॉलेज की राजनीति

कॉलेज की राजनीति बहुत गहरी दिखाई गई। मशहूर लड़की बनाम मेहनती लड़की। पर मेहनती के पास आंद्रे जैसे दोस्त हैं। ताकत का संतुलन जल्दी बदला। वीपी शायद आंद्रे के नाम से डर गया। सोनम की चालाकी काम नहीं आई। सच्चाई हमेशा सामने आती है। ये संदेश भी मिला। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में ये सीन यादगार है।

शानदार मोड़

जैसे लगा नैना फंस गई, आंद्रे ने साथ मिलकर काम बताया। सोनम डेटा सोर्स का जवाब नहीं दे पाई। वो खामोशी बहुत शोर मचा रही थी। अब तक का शानदार सीन है। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात की रफ़्तार बिल्कुल सही है। एक भी पल बोरिंग नहीं लगा। अंत की उम्मीद बढ़ गई। अभिनय लाजवाब है।

कहानी में दम

इस कड़ी ने किनारे पर बिठा दिया। आरोप, बचाव, जवाबी हमला सब एक सीन में। पात्र विकास साफ है। नैना मज़बूत, आंद्रे सहायक, सोनम चालाक। अगले पार्ट का इंतज़ार है। कहानी में दम है। कलाकारों ने जान डाल दी। बहुत बढ़िया कहानी है। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात का जादू चल रहा है।