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(डबिंग) तुम थे मेरी कायनातवां50एपिसोड

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(डबिंग) तुम थे मेरी कायनात

नैना वर्मा, सिंघानिया के ड्राइवर की बेटी, सात साल अद्वैत से प्रेम किया। एक रात वह उसकी गुप्त प्रेमिका बनी, दो साल सेवा की। सोनम के लौटते ही ठुकराई गई, शोध चुराया गया, सीढ़ियों से गिरा दिए जाने पर भी थप्पड़ खाया। टूटकर विदेश चली गई। तीन साल बाद नोबेल विजेता प्रोफ़ेसर आइवी बनकर लौटी। पछताता अद्वैत उसे ढूँढता है, पर वह कबीर मल्होत्रा के साथ नया जीवन जी रही है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

भरोसे का खेल

सफेद सूट वाले व्यक्ति का वादा बहुत भरोसेमंद लगा हालांकि चश्मे वाली महिला की आँखों में शक साफ़ था। उसने कहा कि वह मजबूरी का फायदा नहीं उठाएगा। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात की कहानी में यह भरोसा टूट सकता है। रात का शहर और बार में अकेला व्यक्ति अगले तूफान का संकेत दे रहा है। मुझे यह धीमी गति पसंद है।

मीठी बातें और व्यंग्य

महिला ने जब कहा कि आप बहुत मीठी बातें करते हो तो उसकी मुस्कान में व्यंग्य था। कमरे का माहौल बहुत तनावपूर्ण हो गया था। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में रिश्तों की यह नाजुक डोर देखने लायक है। वह व्यक्ति सोफे पर बैठा रहा और उसे जाते हुए देखता रहा। यह चुप्पी शोर मचा रही थी।

घर की दूरियां

आधुनिक सजावट वाले इस घर में दोनों के बीच की दूरी साफ़ झलक रही थी। उसने आराम करने को कहा पर वह खुद जाग रहा है। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात के पात्र बहुत जटिल लग रहे हैं। बाद में बार में दिखा व्यक्ति शायद कोई पुराना दुश्मन हो सकता है। कहानी में रोमांच बढ़ रहा है।

ठंडी आवाज़ और वादे

चश्मे वाली महिला का व्यवहार बहुत संयमित था लेकिन उसकी आवाज़ में ठंडक थी। सफेद कपड़ों वाले ने हाथ जोड़कर वादा किया। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में ऐसे वादे अक्सर टूटते हैं। शहर की रात की रोशनी बहुत सुंदर थी। अगला दृश्य बताता है कि कहानी अभी शुरू हुई है।

शालीनता का मुखौटा

जब वह व्यक्ति बोला कि वह बिल्कुल शालीन रहेगा तो लगा कि उसे खुद को मनाना पड़ रहा है। महिला बिना कुछ बोले चली गई। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में यह चुप्पी बहुत भारी लग रही थी। बार वाला दृश्य बहुत गहरा था। मुझे लगता है कि तीनों के बीच कोई गुप्त संबंध है।

आँखों का खेल

इस कहानी की सबसे अच्छी बात है इसका संवाद और अभिनय। सफेद सूट वाले की आँखों में कुछ छिपा हुआ था। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में हर पल नया रहस्य खुलता है। महिला के जाने के बाद उसका चेहरा बदल गया। शहर की ऊंची इमारतें कहानी का पैमाना बताती हैं।

बार का अकेलापन

बार में अकेले बैठे व्यक्ति के चेहरे पर गुस्सा और दुख दोनों थे। शायद वह इस घर की कहानी से जुड़ा है। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में हर किरदार की अपनी मजबूरी है। पहले वाले दृश्य में जो वादा हुआ वह शायद झूठा हो। मुझे यह नाटक बहुत पसंद आ रहा है।

पहनावा और शख्सियत

महिला के कपड़े और चश्मा उसकी व्यक्तित्व को बहुत अच्छे से दर्शाते हैं। वह आसानी से किसी पर भरोसा नहीं करती। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में पात्रों का रूप बहुत अच्छा है। सफेद सूट वाला व्यक्ति बहुत जिद्दी लग रहा था। रात का दृश्य बहुत फिल्मी था।

लंबी रात की शुरुआत

यह दृश्य बताता है कि रात बहुत लंबी होने वाली है। व्यक्ति ने कहा कि वह वहीं रुकेगा। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में रात के किस्से हमेशा दिलचस्प होते हैं। बार वाला व्यक्ति शराब पी रहा था जो उसकी बेचैनी दिखाता है। कहानी में उतार चढ़ाव बहुत है।

मुस्कान के पीछे योजना

अंत में जब वह व्यक्ति मुस्कुराया तो लगा कि उसकी कोई योजना है। महिला को शायद इसका अंदाजा नहीं था। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में ऐसे मोड़ बहुत आते हैं। शहर की लाइट्स और बार का माहौल बहुत गहरा था। मुझे अगला भाग देखने की उत्सुकता है।