जिस तरह से वह नैना वर्मा को ढूंढ रहा है, वह दिल को छू लेता है। तीन साल का समय कम नहीं होता, फिर भी उसकी उम्मीदें बाकी हैं। हाथ में रुमाल लेकर वह पुरानी यादों में खो जाता है। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में यह दर्द बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है। हर पल बेचैनी साफ झलकती है। मुझे यह सीन बहुत पसंद आया। एक्टर ने बहुत अच्छा काम किया है। इसमें जो भावनाएं हैं वो असली लगती हैं।
ऑफिस में बैठे माँ का अंदाज बहुत सख्त लग रहा है। वह उसे बार बार बुलाती है लेकिन वह फोन में खोया हुआ है। लगता है परिवार में कुछ गड़बड़ है। कहानी में यह तनाव बहुत जरूरी था। मुझे यह ड्रामा बहुत पसंद आ रहा है। नेटशॉर्ट पर ऐसे शो देखना अच्छा लगता है।
पार्क वाला सीन देखकर मन भर आया। नैना उसके सिर पर हाथ रखती है और वह शांत हो जाता है। अब वह सूट में बैठा है लेकिन अंदर से टूटा हुआ है। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात की कहानी बहुत गहरी है। काश नैना को जल्दी मिल जाए। दर्शक के रूप में मैं यही चाहता हूं। यह दोस्ती बहुत प्यारी है।
सभी बड़े एयरपोर्ट और ट्रांसपोर्ट चेक करवा लिए, फिर भी कोई सुराग नहीं। यह दिखाता है कि उसकी पहुंच कितनी ताकतवर है। लेकिन प्यार के आगे ताकत फीकी है। यह सीन बहुत इंटेंस था। मुझे ऐसे ड्रामे देखना बहुत अच्छा लगता है। हर एपिसोड में नया सस्पेंस है।
वह छोटा सा रुमाल उसके लिए किसी खजाने से कम नहीं है। वह उसे बार बार देख रहा है। शायद इसी में नैना वर्मा की खुशबू बसी हो। भावनाओं को शब्दों में बयां करना मुश्किल है। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात ने यह बखूबी दिखाया। एक्टिंग बहुत नेचुरल लग रही है।
अचानक स्कूल का नाम लेना मतलब कोई कड़ी मिली है। शायद नैना वहीं छिपी होगी। कहानी में अब नया मोड़ आने वाला है। दर्शक के रूप में मैं उत्सुक हूं कि आगे क्या होगा। यह सस्पेंस बना रहे तो मजा आएगा। मुझे यह प्लॉट बहुत पसंद आया है।
यह डायलॉग सीधे दिल पर वार करता है। तीन साल से वह यही सवाल पूछ रहा होगा। उसकी आंखों में बेबसी और गुस्सा दोनों है। एक्टिंग बहुत लाजवाब है। मैंने यह शो नेटशॉर्ट पर देखा और बहुत पसंद किया। आपको भी यह जरूर देखना चाहिए।
उसे साहबज़ादे कहकर बुलाया गया लेकिन उसका ध्यान कहीं और है। उसकी दुनिया तो बस नैना के इर्द गिर्द घूमती है। अमीर होने के बावजूद वह खुश नहीं है। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में यही तो खास बात है। प्यार सब पर भारी है। यह संदेश बहुत प्यारा है।
गंभीर चेहरे और सूट बूट में वह बहुत हैंडसम लग रहा है। लेकिन उसकी उदासी छिपी नहीं है। ऑफिस की सेटिंग और पुरानी यादों का कंट्रास्ट बहुत अच्छा है। विजुअल्स बहुत क्लियर और सुंदर हैं। देखने में बहुत मजा आ रहा है। कैमरा वर्क भी शानदार है।
मुझे लगता है जल्द ही दोनों की मुलाकात होगी। इतनी मेहनत बेकार नहीं जाएगी। नैना वर्मा को भी उसकी याद आती होगी। कहानी में थोड़ा धैर्य चाहिए। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात का अंत खुशहाल होना चाहिए। हम सब यही दुआ करते हैं। कहानी बहुत इमोशनल है।