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(डबिंग) तुम थे मेरी कायनातवां19एपिसोड

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(डबिंग) तुम थे मेरी कायनात

नैना वर्मा, सिंघानिया के ड्राइवर की बेटी, सात साल अद्वैत से प्रेम किया। एक रात वह उसकी गुप्त प्रेमिका बनी, दो साल सेवा की। सोनम के लौटते ही ठुकराई गई, शोध चुराया गया, सीढ़ियों से गिरा दिए जाने पर भी थप्पड़ खाया। टूटकर विदेश चली गई। तीन साल बाद नोबेल विजेता प्रोफ़ेसर आइवी बनकर लौटी। पछताता अद्वैत उसे ढूँढता है, पर वह कबीर मल्होत्रा के साथ नया जीवन जी रही है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

हादसे के बाद का तनाव

हादसे का दृश्य बहुत तनावपूर्ण था। आन्द्रे के चेहरे पर दर्द साफ दिख रहा था लेकिन सोनम को बस अपने निशान की चिंता थी। कहानी में यह मोड़ अच्छा लगा कि कैसे स्वार्थ रिश्तों को प्रभावित करता है। डबिंग तुम थे मेरी कायनात में ऐसे मोड़ बार बार देखने को मिलते हैं जो दर्शकों को बांधे रखते हैं।

नैना और आन्द्रे का पुराना रिश्ता

फ्लैशबैक दृश्य में युवा नैना वर्मा की मासूमियत दिल को छू गई। उसने आन्द्रे के घाव को ऐसे साफ किया जैसे वह अपनी हो। वर्तमान में सोनम का व्यवहार बिल्कुल विपरीत है। यह तुलना बहुत गहरी है और पात्रों के बीच के अंतर को उजागर करती है। डबिंग तुम थे मेरी कायनात की कहानी धीरे धीरे खुल रही है।

सोनम की चालाकी

सोनम का किरदार काफी चालाक लग रहा है। उसे डॉक्टर मेहता की शोध दल में जाना है इसलिए वह आन्द्रे का इस्तेमाल कर रही है। पुलिस के आने पर उसकी घबराहट असली थी। क्या वह आन्द्रे को धोखा देगी यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है। डबिंग तुम थे मेरी कायनात की कहानी बहुत रोचक है।

आन्द्रे का समझौता

आन्द्रे ने सोनम की बात मान ली यह देखकर हैरानी हुई। शायद उसे अपनी मां इंदिरा सिंघानिया की डांट का डर है। वैसे भी वह हमेशा से दबाव में रहा है। इस शो में भावनात्मक पल बहुत अच्छे हैं और दर्शकों को पसंद आएंगे। डबिंग तुम थे मेरी कायनात में संघर्ष दिखता है।

उदास माहौल और नया रहस्य

वाहन प्रबंधन कार्यालय का माहौल बहुत उदास था। आन्द्रे अकेला खड़ा था और फोन पर बात कर रहा था। मार्गदर्शक बैठक का जिक्र आने पर उसके चेहरे के भाव बदल गए। कहानी में अब नया मोड़ आएगा और रहस्य खुलेंगे। डबिंग तुम थे मेरी कायनात का अंत क्या होगा।

अदालत का वादा

सोनम ने वादा किया कि कल अदालत में वह आन्द्रे को बचा लेगी। पर क्या उस पर भरोसा किया जा सकता है। उसकी आंखों में चालाकी साफ दिख रही थी। डबिंग तुम थे मेरी कायनात में हर किरदार के अपने राज हैं जो धीरे धीरे सामने आते हैं।

मां का डर और नैना का प्यार

युवा आन्द्रे को जब उसकी मां ने थप्पड़ मारा था तो वह टूट गया था। नैना वर्मा ने उसे सहारा दिया था। यह पुरानी यादें अब उसके फैसलों को प्रभावित कर रही हैं। बहुत ही भावुक कहानी है जो दिल को छू जाती है। डबिंग तुम थे मेरी कायनात में पुराने राज हैं।

पुलिस पूछताछ और योजना

पुलिस वाले ने जब ड्राइविंग के बारे में पूछा तो सोनम ने तुरंत योजना बनाई। आन्द्रे चुपचाप सब सह गया। यह दिखाता है कि वह सोनम के लिए क्या कुछ कर सकता है। अभिनय बहुत स्वाभाविक लगा और प्रभावशाली था। डबिंग तुम थे मेरी कायनात के दृश्य सटीक हैं।

किरन झा का सुराग

किरन झा का नाम सुनकर आन्द्रे चौंक गया। लगता है मार्गदर्शक का उसकी मां से कोई संबंध है। यह नया सुराग कहानी को और दिलचस्प बना रहा है। दर्शकों के लिए यह एक बड़ा मोड़ है जो आगे की कहानी बदलेगा। डबिंग तुम थे मेरी कायनात में सस्पेंस बना है।

कुल मिलाकर शानदार कड़ी

कुल मिलाकर यह कड़ी बहुत रोमांचक थी। हादसे से लेकर पुरानी यादों तक सब कुछ जुड़ा हुआ है। आन्द्रे और नैना की कहानी आगे क्या होगी यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है। डबिंग तुम थे मेरी कायनात देखने लायक है।