शुरू में ही इतना टेंशन देखकर मैं कांप गई। जब उस पागल औरत ने चाकू निकाला तो मेरी सांसें रुक गईं। नैना की आंखों में डर साफ दिख रहा था। कबीर का एंट्री टाइमिंग बिल्कुल परफेक्ट था। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में ऐसे सीन्स दिल की धड़कन बढ़ा देते हैं। काश नैना को पहले ही पता चल जाता कि कबीर उसके लिए कितना सोचता है। खैर, बच गई वो।
कबीर ने जैसे ही उस औरत का हाथ पकड़ा, मुझे लगा हीरो आ गया। ग्रे सूट में वो बहुत हैंडसम लग रहे थे। नैना को बचाने का तरीका थोड़ा अलग था। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात की कहानी में ये मोड़ जरूरी था। दोनों के बीच की केमिस्ट्री देखते ही बनती है। वो नोट वाला सीन बहुत इमोशनल था। मुझे लगता है कबीर अभी भी नैना से प्यार करता है।
वो नोट क्या था जिसने सब बदल दिया? कबीर ने कहा उसने नोट पढ़ लिया है। नैना शर्मिंदा हो गई। शायद उसमें रिश्ता तोड़ने की बात थी। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में ऐसे ट्विस्ट्स आम हैं। कबीर ने सम्मान दिया कि वो उसके फैसले को ठीक मानता है। ये परिपक्वता मुझे बहुत पसंद आई। प्यार में जबरदस्ती नहीं होनी चाहिए।
जब दोनों ने एक दूसरे को गले लगाया, मेरी आंखें नम हो गईं। शायद ये आखिरी बार था जब वो पास आए। नैना की मुस्कान में दर्द भी था और राहत भी। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात के इस सीन ने दिल छू लिया। कबीर ने उसे जाने दिया क्योंकि वो उसकी खुशी चाहता था। सच्चा प्यार यही होता है। मैं इस अंत से संतुष्ट हूं। बहुत खूबसूरत विदाई थी।
अंत में हवाई जहाज का दृश्य बहुत प्रतीकात्मक था। नैना अब आज़ाद है। वो अपनी जिंदगी की नई शुरुआत करने जा रही है। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात ने सिखाया कि प्यार से बढ़कर खुद का अस्तित्व है। वो अकेले चल रही थी पर चेहरे पर चमक थी। ये स्वतंत्रता का जश्न था। मुझे ये संदेश बहुत पसंद आया।
वो लाल चेक वाली शर्ट वाली औरत क्यों पागल हो गई? उसने नैना को मारने की कोशिश की। कबीर ने उसे पकड़वा दिया। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में विलेन का किरदार निभाने वाली एक्ट्रेस ने डरा दिया। नैना का साहस काबिले तारीफ है। उसने डर का सामना किया। ऐसे सीन्स शो को रोमांचक बनाते हैं।
डायलॉग बहुत गहरे थे। कबीर ने कहा कि दुनिया सिर्फ प्यार नहीं है। नैना ने कहा कि उसे भविष्य का सामना करना है। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात की स्क्रिप्ट बहुत मजबूत है। रात के सीन में लाइटिंग भी बहुत अच्छी थी। दोनों के बीच की बातचीत दिल को छू गई। मैं बार बार ये सीन देख सकती हूं। संवाद बहुत असली लगे।
नैना वर्मा का किरदार बहुत मजबूत है। उसने चाकू के सामने भी हिम्मत नहीं हारी। कबीर के जाने के बाद भी वो अकेले चल पड़ी। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में महिला सशक्तिकरण का संदेश है। उसकी आंखों में आंसू थे पर कदम नहीं रुके। ये प्रेरणादायक है। हर लड़की को ऐसा बनना चाहिए।
नेटशॉर्ट ऐप पर ये शो देखना बहुत अच्छा लगा। वीडियो क्वालिटी और साउंड क्लियर था। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात जैसे शो यहां आसानी से मिल जाते हैं। रात के दृश्य में एम्बियंस बहुत वास्तविक लगा। कबीर और नैना की एक्टिंग नेचुरल थी। मैं और एपिसोड देखना चाहती हूं।
अंत में सूर्यास्त के साथ प्लेन उड़ता है। ये नई उम्मीद दिखाता है। नैना अब अतीत को भूलकर आगे बढ़ रही है। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात का ये अंत बहुत सुकून देने वाला था। कबीर ने उसे खुश रहने के लिए कहा। ये विदाई नहीं नई शुरुआत थी। मुझे ये कहानी बहुत पसंद आई। रास्ता मुश्किल था पर मंजिल मिली।