अद्वैत का गुस्सा देखकर डर लग रहा था। उसने सोचा था कि नैना उसके साथ रहेगी लेकिन सब गलत हो गया। कबीर ने उसे बाहर निकाल दिया और यह दृश्य बहुत तीव्र था। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में ऐसे मोड़ आते रहते हैं। अद्वैत की बेबसी साफ दिख रही थी जब वह दरवाजा खटखटा रहा था। सच में प्यार में इंसान पागल हो जाता है। यह दृश्य दिल को छू गया।
नैना का चिट्ठी वाला दृश्य बहुत भावुक था। उसने स्पष्ट कर दिया कि वह अपने सपनों को चुन रही है। कबीर के लिए यह झटका था लेकिन उसने समझदारी दिखाई। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात की कहानी बहुत गहरी है। नैना की आंखों में आंसू थे पर वह डटी रही। कभी कभी प्यार से बड़े सपने होते हैं। यह संदेश बहुत प्रभावशाली था।
कबीर ने नैना के लिए जो किया वह काबिले तारीफ है। उसने अद्वैत को साफ शब्दों में बता दिया कि यह घर नहीं है। झगड़े का माहौल बहुत गर्म था। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में किरदारों का लगाव जबरदस्त है। कबीर की आवाज में गुस्सा और नैना के लिए फिक्र साफ झलक रही थी। ऐसे दोस्त हर किसी को मिलें।
रिश्ते टूटना आसान नहीं होता। नैना ने बिना कुछ कहे घर छोड़ दिया। अद्वैत चीख रहा था पर कोई नहीं सुन रहा था। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में दर्द को बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है। कबीर चुपचाप सब देख रहा था। यह तिकोना प्यार बहुत जटिल हो गया है। दर्शकों को यह पसंद आएगा।
दरवाजा बंद होने के बाद अद्वैत की हालत खराब हो गई। वह बार बार हलक़ा शब्द बोल रहा था। नैना अंदर चुपचाप खड़ी थी। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात की हर कड़ी नया मोड़ लाती है। कबीर ने दरवाजा बंद कर दिया और शांति छा गई। बाहर शोर था और अंदर खामोशी। यह विरोधाभास बहुत अच्छा लगा।
नैना ने विदेश जाने का फैसला किया है। उसे लगता है कि सपने जरूरी हैं। कबीर को यह बात पत्र से पता चली। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में महिला किरदार मजबूत हैं। नैना ने हिम्मत दिखाई और आगे बढ़ गई। कबीर अब क्या करेगा यह देखना बाकी है। कहानी में रोमांच बना हुआ है।
अद्वैत सिंघानिया का दर्द आंखों में साफ था। उसने पूछा कि मैं किस बात में कम हूं। जवाब नहीं मिला तो वह टूट गया। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में भावुक दृश्य बहुत अच्छे हैं। कबीर ने उसे धक्का देकर बाहर किया। यह व्यवहार सही नहीं था पर मजबूरी थी। कहानी बहुत आगे बढ़ गई है।
घर का माहौल बहुत तनावपूर्ण हो गया था। फर्नीचर और लाइटिंग ने उदासी बढ़ा दी। नैना का बैग उठाकर जाना अंतिम विदाई था। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात की निर्माण गुणवत्ता अच्छी है। कबीर और अद्वैत की लड़ाई देखने लायक थी। नैना बीच में फंस गई थी। अब सब कुछ बदल चुका है।
चिट्ठी में लिखा था कि वह मिलकर अच्छा लगा पर सपने जरूरी हैं। कबीर ने पढ़कर कुछ नहीं कहा। नैना चली गई। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में संवाद बहुत दमदार हैं। किस्मत हुई तो फिर मिलेंगे वाला संवाद दिल को लगा। अद्वैत बाहर खड़ा रह गया। यह अंत बहुत दुखद था।
इस कड़ी ने सबकी नींद उड़ा दी। अद्वैत की चीखें अभी भी कानों में गूंज रही हैं। कबीर ने अपनी जगह बना ली। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात को जरूर देखें। नैना का जाना सबके लिए झटका था। अब कहानी में नया मोड़ आएगा। कौन जीतेगा यह तो समय बताएगा। बहुत रोमांचक है।