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(डबिंग) तुम थे मेरी कायनातवां5एपिसोड

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(डबिंग) तुम थे मेरी कायनात

नैना वर्मा, सिंघानिया के ड्राइवर की बेटी, सात साल अद्वैत से प्रेम किया। एक रात वह उसकी गुप्त प्रेमिका बनी, दो साल सेवा की। सोनम के लौटते ही ठुकराई गई, शोध चुराया गया, सीढ़ियों से गिरा दिए जाने पर भी थप्पड़ खाया। टूटकर विदेश चली गई। तीन साल बाद नोबेल विजेता प्रोफ़ेसर आइवी बनकर लौटी। पछताता अद्वैत उसे ढूँढता है, पर वह कबीर मल्होत्रा के साथ नया जीवन जी रही है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

नैना का दर्द

नैना की चुप्पी सब कुछ कह रही थी जब वो झींगे खा रही थी। एलर्जी होने के बावजूद वो आद्रेद के लिए सब सहन कर गई। यह दृश्य देखकर दिल टूट गया। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में ऐसे दृश्य दिल दहला देते हैं। काश आद्रेद को उसकी कीमत समझ आती।

आद्रेद का घमंड

आद्रेद का व्यवहार सच में बहुत क्रूर था। उसने नैना को ड्राइवर की बेटी कहकर अपमानित किया। प्यार में क्लास का फर्क नहीं देखना चाहिए था। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात की यह कहानी समाज की कड़वी सच्चाई दिखाती है। बहुत गहरा असर छोड़ा।

बारिश और आंसू

बारिश में नैना का रोना देखकर रुलाई आ गई। सात साल का प्यार ऐसे ठुकरा दिया गया। स्लेटी पोशाक वाली लड़की की साजिश भी साफ़ थी। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में भावनात्मक दृश्य बहुत गहरे हैं। वैसे नेटशॉर्ट पर देखने का मज़ा ही अलग है।

देवीश की एंट्री

देवीश कपूर की एंट्री ने सब बदल दिया। जब सबने ठुकराया तो उसने छाता पकड़ाया। असली नायक वही है जो मुश्किल वक्त में काम आए। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात का ट्विस्ट बहुत शानदार था। अब नैना की ज़िंदगी बदलेगी।

धोखेबाज दोस्त

स्लेटी पोशाक वाली लड़की की चालाकी देखकर गुस्सा आया। जानबूझकर झींगे मंगवाए ताकि नैना को तकलीफ हो। दोस्ती के नाम पर धोखा सबसे बुरा होता है। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में खलनायक किरदार बहुत अच्छे से निभाए गए हैं। कहानी में जान है।

चिट्ठी का राज

बैग से चिट्ठी गिरना और सबका पढ़ना बहुत शर्मनाक था। नैना की प्राइवेसी का ख्याल किसी को नहीं था। प्यार का इज़हार करना कोई गुनाह नहीं है। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में ऐसे दृश्य दिल पर चोट करते हैं। नैना का दर्द साफ़ दिख रहा था।

पछतावा होगा

आद्रेद को अपनी गलती का अहसास होना चाहिए था। उसने नैना की हर पसंद को जानबूझकर ठेस पहुंचाई। अब जब वो चली गई तो पछतावा होगा। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात की कहानी बहुत रोचक है। आगे क्या होगा देखना बाकी है।

खामोश चीख

नैना की आंखों में आंसू और चेहरे पर दर्द साफ़ दिख रहा था। बिना कुछ बोले वो सब सहती रही। यह चुप्पी सबसे ज़्यादा शोर मचा रही थी। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में अभिनय बहुत स्वाभाविक है। हर संवाद दिल को छू जाता है।

दिल बड़ा होना

अमीर और गरीब के बीच की यह दीवार कब टूटेगी। आद्रेद का घमंड टूटना चाहिए था। नैना ने साबित कर दिया कि दिल बड़ा होता है। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में वर्ग अंतर को बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है। बहुत पसंद आया।

नई शुरुआत

देवीश कपूर का प्रोफेसर चटर्जी वाला संबंध नया मोड़ है। लगता है नैना की किस्मत अब चमकेगी। पुराने गम भूलकर नई शुरुआत होगी। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात की अगली कड़ी कब आएगी। नेटशॉर्ट पर प्रतीक्षा कर रहे हैं प्रशंसक।