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(डबिंग) तुम थे मेरी कायनातवां64एपिसोड

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(डबिंग) तुम थे मेरी कायनात

नैना वर्मा, सिंघानिया के ड्राइवर की बेटी, सात साल अद्वैत से प्रेम किया। एक रात वह उसकी गुप्त प्रेमिका बनी, दो साल सेवा की। सोनम के लौटते ही ठुकराई गई, शोध चुराया गया, सीढ़ियों से गिरा दिए जाने पर भी थप्पड़ खाया। टूटकर विदेश चली गई। तीन साल बाद नोबेल विजेता प्रोफ़ेसर आइवी बनकर लौटी। पछताता अद्वैत उसे ढूँढता है, पर वह कबीर मल्होत्रा के साथ नया जीवन जी रही है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

खाने का जादू

जब उसने खाना बनाया तो लगा जैसे कोई जादू हो गया हो। नैना की आंखों में चमक देखकर सब साफ हो गया। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में ऐसे पल बहुत हैं जो दिल को छू लेते हैं। उसका प्यार भरा व्यवहार और खाने की खुशबू ने माहौल को गर्मजोशी से भर दिया। सच में प्यार छोटी चीजों में ही दिखाई देता है। यही वजह है कि यह सीन इतना खास लगता है।

राजकुमार की पहचान

बंदरनगर के राजकुमार को खाना बनाना आता है, यह जानकर हैरानी हुई। पर जब उसने परोसा तो सब समझ आ गया। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात की कहानी में यह मोड़ बहुत प्यारा लगा। नैना का मुस्कुराना और उसकी तारीफ सुनकर उसका चेहरा खिल उठा। ऐसे रिश्ते ही जीवन को सुंदर बनाते हैं। देखकर बहुत अच्छा लगा।

नैना की मुस्कान

नैना जब चश्मा पहनकर खाना चखती है तो लगता है वक्त थम गया हो। उसकी खुशी देखकर लगता है कि प्यार सच में आंखों में बसता है। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात ने इस दृश्य में जो भावनाएं दिखाई हैं वह लाजवाब हैं। सादगी में ही असली खूबसूरती छिपी होती है जो यहां साफ झलकती है। बस यही तो असली प्यार है।

अप्रॉन वाला पल

जब उसने अप्रॉन बांधने में मदद की तो हवा में रोमांस तैरने लगा। छोटी छोटी मददें रिश्ते को गहरा करती हैं। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात के इस सीन में केमिस्ट्री देखते ही बनती है। नैना की शर्मीली हंसी और उसका ध्यान सब कुछ कह रहा था। ऐसे पल बार बार देखने को दिल करता है। बहुत ही प्यारा दृश्य है।

खुशबू का असर

खाने की खुशबू ने पूरे कमरे को महका दिया। नैना ने जब कहा कितनी अच्छी खुशबू है तो लगा जैसे प्यार की खुशबू हो। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में ऐसे संवाद दिल को बहुत अच्छे लगते हैं। साधारण बातों में जो अपनापन है वही असली कहानी कहता है। बस यही तो चाहते हैं हम सब। जीवन में ऐसा साथी मिले।

प्यारा संवाद

मेरी प्यारी नैना कहकर उसने जो पुकारा तो दिल पिघल गया। इतना प्यार भरा लहजा कम ही देखने को मिलता है। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात की डबिंग ने जान डाल दी है इस किरदार में। आवाज में जो मिठास है वह सीधे दिल में उतर जाती है। ऐसे डायलॉग बार बार सुनने को अच्छे लगते हैं। मन बहुत खुश हो गया।

सोफे वाली बातें

सोफे पर बैठकर बातें करना और खाना खाना कितना सुकून भरा लगता है। नैना और उसकी जोड़ी बहुत जचती है। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में ऐसे सीन रिलेशनशिप को नया अर्थ देते हैं। माहौल शांत है पर आंखों में शोर है। यही तो प्यार की असली परिभाषा है जो बिना कहे सब कह देती है। बहुत गहरा असर छोड़ता है।

मदद का हाथ

जब नैना ने मदद करने की पेशकश की तो उसने मना कर दिया। यह देखभाल का दूसरा रूप है। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में ऐसे छोटे छोटे इशारे बड़ी कहानी कहते हैं। एक दूसरे का ख्याल रखना ही तो रिश्ते की जान है। यह दृश्य देखकर लगता है कि प्यार सेवा में ही है। सच में बहुत प्यारा लगा यह पल।

धन्यवाद का पल

खाना खाने के बाद धन्यवाद कहना कितना प्यारा लगा। नैना की आंखों में शर्म और खुश दोनों थी। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात ने सिखाया कि छोटे छोटे अहसास ही बड़े होते हैं। इस वेब सीरीज का हर एपिसोड दिल को छू लेता है। बस ऐसे ही पल बार बार देखने को मिलें। दिल को बहुत सुकून मिला है।

राजकुमार और नैना

बंदरनगर के राजकुमार और नैना की जोड़ी कमाल की है। दोनों के बीच की नोक झोक देखने लायक है। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में यह केमिस्ट्री सबसे खास लगती है। जब वे एक दूसरे को देखते हैं तो दुनिया भूल जाते हैं। ऐसे प्यारे पल जीवन में भी आने चाहिए। बहुत ही रोमांटिक माहौल बना है।