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(डबिंग) तुम थे मेरी कायनातवां26एपिसोड

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(डबिंग) तुम थे मेरी कायनात

नैना वर्मा, सिंघानिया के ड्राइवर की बेटी, सात साल अद्वैत से प्रेम किया। एक रात वह उसकी गुप्त प्रेमिका बनी, दो साल सेवा की। सोनम के लौटते ही ठुकराई गई, शोध चुराया गया, सीढ़ियों से गिरा दिए जाने पर भी थप्पड़ खाया। टूटकर विदेश चली गई। तीन साल बाद नोबेल विजेता प्रोफ़ेसर आइवी बनकर लौटी। पछताता अद्वैत उसे ढूँढता है, पर वह कबीर मल्होत्रा के साथ नया जीवन जी रही है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

प्रोफेसर आईवी का स्वागत

अस्पताल के गलियारे में जब प्रोफेसर आईवी की एंट्री होती है तो माहौल बदल जाता है। डॉक्टर साहब उनका स्वागत करते हुए घबराए हुए लग रहे हैं। केस बहुत क्रिटिकल है लेकिन उनकी उपस्थिति से सबको राहत मिली है। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में यह मेडिकल ड्रामा देखना बहुत रोमांचक है। प्रतिद्वंद्वी डॉक्टर की नज़रें बता रही हैं कि आगे कुछ बड़ा होने वाला है। नेटशॉर्ट पर वीडियो क्वालिटी भी शानदार है।

खतरनाक मरीज का केस

मरीज की हालत बहुत नाजुक बताई जा रही है और यह केस इंटरनेशनल लेवल का है। प्रोफेसर आईवी पर सबकी नज़रें टिकी हैं क्योंकि वे डॉक्टर मेहता की फेवरेट स्टूडेंट हैं। रिपोर्ट में दुर्लभ बीमारी का पता चला है। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात की कहानी में यह ट्विस्ट बहुत जरूरी था। दूसरी तरफ एक महिला डॉक्टर फोन पर कुछ साजिश रचती दिख रही है। सस्पेंस बना हुआ है।

ईर्ष्या और प्रतिस्पर्धा

लंबे बालों वाली डॉक्टर की नज़रों में साफ झलक रहा है कि वे प्रोफेसर आईवी से जल रही हैं। वे सिंघानिया ग्रुप का जिक्र कर रही हैं और कह रही हैं कि वे तीन साल से बच रही हैं। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में किरदारों के बीच की कशमकश बहुत अच्छे से दिखाई गई है। फोन कॉल वाला सीन बताता है कि आगे प्लॉट में बड़ा ट्विस्ट आने वाला है। दर्शक के रूप में मज़ा आ रहा है।

नोबेल विजेता का जिक्र

सब लोग हैरान हैं कि एक नोबेल विजेता उनके अस्पताल में काम करने आई हैं। बाकी संस्थान भी उनके साथ काम करना चाहते थे लेकिन वे यहाँ आ गईं। यह उनकी क्षमता को दर्शाता है। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में ऐसे सीन देखकर गर्व महसूस होता है। डायरेक्टर साहब का व्यवहार भी बहुत सम्मानजनक है। क्लिपबोर्ड में रिपोर्ट देखकर सबकी चिंता बढ़ गई है।

पुराने दोस्त का रिश्ता

प्रोफेसर आईवी ने बताया कि यह मरीज उनके गुरु का पुराना दोस्त है। इसलिए वे पूरी कोशिश करेंगी। यह भावनात्मक पल बहुत अच्छा लगा। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में इमोशनल कनेक्शन बहुत गहरा है। वैसे नेटशॉर्ट ऐप पर यह सीरीज देखना बहुत सुविधाजनक है। बैकग्राउंड म्यूजिक भी सीन के हिसाब से सही चुना गया है।

जीन थेरेपी की चुनौती

डॉक्टर साहब कह रहे हैं कि अगर जीन थेरेपी पर पकड़ नहीं हुई तो कुछ नहीं कर पाएंगे। यह बात चिंताजनक है। प्रोफेसर आईवी का आना इसलिए अहम है। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में मेडिकल टर्म्स का इस्तेमाल कहानी को असली बनाता है। क्लिपबोर्ड पकड़कर पढ़ने वाला सीन बहुत प्रोफेशनल लगा। आगे क्या होगा यह जानने की उत्सुकता है।

साजिश की बू

जो महिला डॉक्टर दूर खड़ी है वह कुछ अच्छा नहीं सोच रही। वह कहती है कि शायद वह मुझसे मिलने आ जाए। यह उसकी ओवरकॉन्फिडेंस दिखाता है। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में विलेन किरदार की एंट्री धमाकेदार हुई है। सफेद कोट में सब लोग एक जैसे लग रहे हैं लेकिन इरादे अलग हैं। वीडियो की क्वालिटी बहुत साफ है।

अस्पताल का माहौल

सफेद दीवारें और साफ सुथरा अस्पताल का माहौल बहुत प्रोफेशनल लग रहा है। सभी स्टाफ ने तालियां बजाकर स्वागत किया। यह उनकी महत्वता को दर्शाता है। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में सेट डिजाइन बहुत रियलिस्टिक है। डॉक्टर मेहता का नाम सुनकर सबकी उम्मीदें बढ़ गई हैं। क्या वे इस मुश्किल केस को सॉल्व कर पाएंगी?

रिपोर्ट का खुलासा

जब क्लिपबोर्ड में रिपोर्ट सामने आई तो सब चुप हो गए। बीमारी का नाम बहुत जटिल है। प्रोफेसर आईवी ने बिना डरे इसे स्वीकार किया। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में हर सीन में नया टेंशन बना रहता है। चश्मे वाली डॉक्टर की एक्टिंग बहुत नेचुरल लग रही है। नेटशॉर्ट पर ऐसे कंटेंट मिलना दुर्लभ है।

तीन साल का सफर

प्रतिद्वंद्वी डॉक्टर कह रही है कि तीन साल से वह मुझसे बचता रहा। इसका मतलब इनके बीच पुरानी दुश्मनी है। यह कहानी को और दिलचस्प बनाता है। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में पुराने किस्से नए ट्विस्ट दे रहे हैं। फोन पर बात करते हुए उसका चेहरा बहुत खतरनाक लग रहा था। आगे का एपिसोड देखने का इंतज़ार है।