PreviousLater
Close

(डबिंग) तुम थे मेरी कायनातवां34एपिसोड

like2.6Kchase4.5K

(डबिंग) तुम थे मेरी कायनात

नैना वर्मा, सिंघानिया के ड्राइवर की बेटी, सात साल अद्वैत से प्रेम किया। एक रात वह उसकी गुप्त प्रेमिका बनी, दो साल सेवा की। सोनम के लौटते ही ठुकराई गई, शोध चुराया गया, सीढ़ियों से गिरा दिए जाने पर भी थप्पड़ खाया। टूटकर विदेश चली गई। तीन साल बाद नोबेल विजेता प्रोफ़ेसर आइवी बनकर लौटी। पछताता अद्वैत उसे ढूँढता है, पर वह कबीर मल्होत्रा के साथ नया जीवन जी रही है।
  • Instagram
इस एपिसोड की समीक्षा

उम्मीद की नई किरण

चिकित्सक का आत्मविश्वास देखकर हैरानी हुई। उसने मरीज से कहा कि यह जन्मजात दोष है, पर इलाज नामुमकिन नहीं। उसकी आंखों में एक अलग ही चमक थी। जब उसने कहा कि तुम मुझसे मिल गए तो भाग्यशाली हो, तो लगा कि सच में कुछ होने वाला है। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में ऐसे पल दिल को छू लेते हैं। क्या वह सच में उसे चलने में मदद कर पाएगी? यह उम्मीद की किरण बहुत खास लग रही है। सबको यह पसंद आया।

नाम का रहस्य

उसका असली नाम क्या है? मरीज को शक है कि यह नाम नकली है। उसने पूछा कि जान बचाने वाली दोस्त का असली नाम बताओ। पर उसने जवाब दिया कि जब तुम खड़े हो जाओगे तब बताऊंगी। यह शर्त बहुत रोमांचक है। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में यह रहस्य बना हुआ है। वह मुस्कुराकर चली गई और पीछे छोड़ गई सवाल। क्या उसका कोई राज है जो वह छिपा रही है? जानने की इच्छा हो रही है। यह बहुत गहरा है।

बड़ा चिकित्सा दावा

पांच साल की उम्र से इलाज चल रहा था, सबने कहा असंभव है। पर इस विशेषज्ञ ने कहा कि पुनर्वास और सही उपचार से सब ठीक हो सकता है। सौ मीटर दौड़ की बात करना बहुत बड़ा दावा है। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में चिकित्सा नाटक बहुत दमदार लग रहा है। हरे रंग के कपड़ों में वह बहुत पेशेवर लग रही थी। क्या यह दावा पूरा होगा? यह देखना बाकी है। सबको इंतजार है। सबको यह अच्छा लगा।

पहचान की खोज

मरीज ने उसे रोककर पूछा कि रुकिए विशेषज्ञ। उसे उसकी पहचान जाननी थी। वह उसे आसानी से जाने नहीं देना चाहता था। बीच में जो लगाव बना है वह धीरे धीरे गहरा होता जा रहा है। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में यह रिश्ता देखने में बहुत अच्छा लग रहा है। उसने चुपके से किसी को मोबाइल करके उसकी जानकारी मंगवाई। उसे भरोसा नहीं हो रहा था। सच क्या है? यह सच जानना है।

पापा से बातचीत

मोबाइल पर पापा से बात करते समय उसका अंदाज बदल गया। वह कहती है कि इलाज ठीक रहा, मैं खाना बनाकर इंतजार करती हूं। यह दिखाता है कि वह सिर्फ चिकित्सक नहीं है। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में किरदारों की गहराई बहुत अच्छी है। मरीज यह सब चुपचाप सुन रहा था। उसके चेहरे पर भाव बदलते रहे। यह पल बहुत सुकून देने वाला था। परिवार का जिक्र आया तो अच्छा लगा। बहुत प्यारा लगा। यह पल याद रहेगा।

जांच का आदेश

बिस्तर पर लेटा मरीज हैरान था। उसने कभी सोचा नहीं था कि कोई उसे चलने की उम्मीद देगा। चिकित्सक के जाने के बाद उसने तुरंत अपने आदमी को बुलाया। उसे इस विशेषज्ञ की पूरी जानकारी चाहिए। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में सस्पेंस बना हुआ है। वह उसे ट्रैक करना चाहता है। क्या उसे उसका सच पता चल पाएगा? यह जानने की उत्सुकता बढ़ रही है। कहानी में रोमांच है। यह रोमांच बढ़ रहा है।

दमदार संवाद

डायलॉग बहुत दमदार थे। चलना तो दूर की बात है, सौ मीटर दौड़ भी नामुमकिन नहीं होगा। यह सुनकर मरीज की आंखें फैल गईं। ऐसे संवाद कहानी को आगे बढ़ाते हैं। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में लेखन बहुत मजबूत है। चिकित्सक का अंदाज बहुत भरोसेमंद था। वह जानती है कि वह क्या कर रही है। यह भरोसा मरीज को भी मिल रहा है। बातें दिल को लगीं। यह बात सही है।

सुंदर दृश्य

अस्पताल का कमरा बहुत साफ और रोशनी से भरा हुआ था। पीछे पौधा भी दिखाई दे रहा था। माहौल बहुत शांत और सकारात्मक था। दोनों के बीच की बातचीत में वजन था। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में दृश्य बहुत अच्छे हैं। चश्मे वाली चिकित्सक बहुत बुद्धिमान लग रही थी। मरीज की धारीदार पजामा सुंदर लग रही थी। हर बारीकी पर ध्यान दिया गया है। रंगों का चुनाव सही था। नज़ारा अच्छा था। यह दृश्य सुंदर है।

अंत की पहेली

अंत में वह चली गई और पीछे छोड़ गई एक पहेली। मरीज ने कहा कोई है और फिर आदेश दिया। उसे उसकी पूरी जानकारी चाहिए। यह शक्ति संतुलन बहुत दिलचस्प है। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में अंत बहुत अच्छा था। अगला भाग कब आएगा? हमें उसकी असली पहचान जाननी है। यह इंतजार मुश्किल हो रहा है। कहानी आगे बढ़नी चाहिए। जल्दी देखना चाहते हैं। यह अंत अच्छा है।

भरोसे की कहानी

जान बचाने वाली दोस्त का नाम जानना चाहता है वह। यह सिर्फ जिज्ञासा नहीं, कुछ और भी है। उसकी आवाज में नर्मी थी। चिकित्सक ने मुस्कुराकर जवाब दिया। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में भावनात्मक पक्ष बहुत अच्छे हैं। यह सिर्फ इलाज नहीं, भरोसे की कहानी है। दोनों के बीच की दूरी कम होती जा रही है। यह यात्रा देखने लायक है। दिल को अच्छा लगा। सबको पसंद आएगा। यह कहानी अच्छी है।