आदित्य का गुस्सा देख कर लगता है कि वो नैना से बहुत प्यार करता है, पर अपने घमंड में उसे भगा देता है। जब सोनम आती है तो वो बहाने बनाता है, पर असली धक्का तब लगता है जब आंटी बताती हैं कि नैना चली गई। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात का ये मोड़ बहुत तेज़ था। आदित्य का चेहरा देख कर लगा कि अब उसे अपनी गलती का एहसास होगा। क्या वो वापस ला पाएगा नैना को? ये देखने लायक है।
सोनम के आगमन से लगा कि शायद आदित्य को कोई और मिल गया, पर उसका पेट दर्द का नाटक सबको बेवकूफ बना रहा था। आंटी ने जब सचाई बताई कि नैना ने इस्तीफा दे दिया, तब आदित्य के होश उड़ गए। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में जज़्बात का खेल बहुत अच्छा लगा। अब देखना ये है कि आदित्य अपने घमंड को तोड़ कर नैना को वापस लाता है या नहीं। कहानी में अब तक का सबसे बड़ा मोड़ आ गया है।
शुरुआत में आदित्य को लगता था कि नैना बिना उसके रह नहीं पाएगी, पर अंत में वो खुद अकेला रह गया। सोनम के साथ उसका व्यवहार भी सही नहीं था, बस वो समय बिता रहा था। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात की ये कहानी हमें सिखाती है कि प्यार में घमंड नहीं करना चाहिए। आदित्य का सदमा देख कर दुख हुआ। क्या अब वो बदल पाएगा? ये सवाल हर दर्शक के दिमाग में है अभी।
जब आदित्य ने फोन फेंका था, तब समझ गया था कि कुछ गड़बड़ होने वाली है। नैना का चुप चाप चला जाना और आंटी का संदेश सुनना उसके लिए किसी झटके से कम नहीं था। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात का हर दृश्य दिल को छू लेता है। आदित्य अभी तक समझ नहीं पाया कि उसने क्या खो दिया है। सोनम बेचारी वहां खड़ी थी और उसे कोई फर्क नहीं पड़ा। ड्रामा बहुत बढ़ने वाला है अब।
आदित्य का व्यवहार देख कर गुस्सा आता है, उसे लगा कि वो सिंघानिया घर का मालिक है और सब उसके इशारों पर नाचेंगे। पर नैना ने अपना स्वाभिमान चुना और चली गई। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में ये पल बहुत प्रभावशाली था। अब आदित्य को अहसास होगा कि पैसा सब कुछ नहीं होता। सोनम की बेचारी भी देखने लायक थी जब वो नज़रअंदाज हुई। आगे क्या होगा ये जानने की उत्सुकता है।
दृश्य जब आंटी ने पानी का ग्लास लिया और कहा कि नैना चली गई, वो पल फिल्मी था। आदित्य का चेहरा पीला पड़ गया था। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात की कहानी सुनाने का तरीका बहुत मज़बूत है। आदित्य ने सोचा था वो खेल खेल रहा है, पर खेल उससे हार गया। सोनम को भी लगा कि वो पहली पसंद है, पर वो भी गलत थी। अब आदित्य को मेहनत करनी पड़ेगी वापस लाने के लिए।
नैना का बिना कुछ बोले चला जाना आदित्य के लिए सबसे बड़ी सज़ा है। वो चिल्लाता रहा, पर कोई सुनने वाला नहीं था। सोनम के साथ झूठ बोलना उसकी आदत को दिखाता है। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में पात्रों का विकास बहुत अच्छी है। आदित्य अभी सदमे में है, पर जल्द ही वो कदम लेगा। दर्शक को ये पसंद आएगा कि कैसे एक घमंडी इंसान बदलता है। मज़ा आ गया देख कर।
आदित्य ने सोचा था कि नैना वापस आएगी, इसलिए वो सोनम को टालना मारता रहा। पर जब सचाई सामने आई तो वो हिल गया। आंटी का शांत रहना भी रोचक था। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात की ये कड़ी बहुत भावुक थी। आदित्य की आँखों में डर साफ़ दिख रहा था। क्या वो नैना को ढूंढ पाएगा? ये रहस्य बना हुआ है। कहानी में अब नई जान आ गई है देखने के लिए।
सोनम को लगा कि वो आदित्य को पसंद है, पर उसने सिर्फ इस्तेमाल किया अपने मिज़ाज को ठिक करने के लिए। नैना की याद अब उसे सताएगी। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात में रिश्तों की जटिलता को अच्छे से दिखाया गया है। आदित्य का गुस्सा अब पछतावे में बदल चुका है। ये देखना दिलचस्प होगा कि वो कैसे संभालता है अपनी ज़िंदगी को बिना नैना के। फिलहाल तो वो टूट गया है पूरी तरह से।
अंत में आदित्य की प्रतिक्रिया ही सब कुछ बता देती है कि वो नैना के बिना रह नहीं सकता। पहले उसने निकाला, अब वो रो रहा है अंदर से। (डबिंग) तुम थे मेरी कायनात का अंत का मोड़ बहुत ज़बरदस्त था। आदित्य को अब अपनी गलती सुधारनी होगी। सोनम वहां खड़ी थी पर उसकी कोई अहमियत नहीं थी। ये कहानी प्यार और घमंड के बीच की लड़ाई है। बहुत अच्छा लगा ये कड़ी देखना।