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(डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँवां15एपिसोड

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(डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ

महान झोउ के सम्राट रुद्रसिंह ने हूणों को हराकर सारे राज्य जीत लिए। उसे 'तारा खान' कहा गया। पर सत्ता के मोह में उसने अपनी रानी खो दी, फिर सब छोड़कर पुत्र संग सरयू नगर में रहने लगा। एक दिन वफ़ा राज्य की महारानी चंद्रावती, जिसका पीछा दुश्मन कर रहे थे, उसकी झोपड़ी में आ निकली। अनजाने में दोनों के बीच एक रात का संबंध बन गया। रुद्रसिंह का शांत जीवन हमेशा के लिए बदल गया।
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इस एपिसोड की समीक्षा

पिता की पहचान का ड्रामा

शुरू में ही जब लाल पोशाक वाले ने उस बूढ़े को अपना पिता बताया तो सब हैरान रह गए। ऐसा लगा जैसे कोई बड़ा खेल शुरू हुआ हो। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में ऐसे मोड़ देखने को मिलते हैं जो आपको बांधे रखते हैं। उस व्यक्ति की चालाकी देखकर लगता है कि वह कुछ छिपा रहा है। बाकी लोग भी अपनी चाल चल रहे हैं। यह दृश्य रोचक था और आगे क्या होगा यह जानने की उत्सुकता बढ़ जाती है। दर्शकों के लिए यह नया मोड़ है।

महारानी का खत और हंगामा

जब सिपाही दौड़ता हुआ आया और महारानी सीमा को खबर दी तो माहौल तनावपूर्ण हो गया। खत पढ़ते ही उनके चेहरे के भाव बदल गए। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ की कहानी में युद्ध की खबर ने सबकी नींद उड़ा दी। हून शासक ने दूत को मार दिया यह सुनकर सबके होश उड़ गए। यह पल बहुत ही नाटकीय था और अभिनेत्री ने अपनी आंखों से सब कुछ कह दिया। दर्शक भी इस मोड़ को देखकर दंग रह गए। सस्पेंस बना हुआ है।

महान झोऊ की राजनीति

वृद्ध व्यक्ति ने खत पढ़कर अजीब प्रतिक्रिया दी। वह हंसा और बोला कि अब महान झोऊ हमसे मदद मांगेगा। यह सोच काफी गहरी लग रही थी। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में दिखाया गया कि कैसे राजनीति में दुश्मन भी फायदे का सौदा बन सकते हैं। उसकी आंखों में चमक देखकर लगता है कि उसने पहले से कुछ योजना बना रखी है। यह किरदार बहुत प्रभावशाली लगा और उसकी संवाद शैली शानदार थी। सबको हैरानी हुई।

बगीचे में गुप्त योजना

रात के समय बगीचे में दो पात्रों की बातचीत बहुत महत्वपूर्ण लग रही थी। एक ने दूसरे को खेलने से मना किया और युद्ध की बात की। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में ऐसे दृश्य आते हैं तो लगता है कि असली खेल अब शुरू होगा। उन्होंने कहा कि हूणों को हराना आसान नहीं है पर योजना मजबूत है। यह संवाद बहुत वजनदार थे और कहानी की दिशा बदल रहे थे। रात का माहौल और संवाद बहुत जचे। यह दृश्य यादगार है।

मौका परस्त की चाल

भूरे कपड़े वाले व्यक्ति ने तुरंत अपना पाला बदल लिया। वह बोला कि उसे जल्दी तरक्की करनी है और वह सब कुछ सीखेगा। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में ऐसे किरदार होते हैं जो हवा के रुख के साथ चलते हैं। उसकी बातें सुनकर हंसी भी आती है और गुस्सा भी। वह मौका देखकर फायदा उठाना चाहता है। यह किरदार कहानी में हास्य और गंभीरता दोनों लाता है। उसकी हरकतें देखने लायक हैं। बहुत मजेदार है।

युद्ध की घोषणा

खत में लिखा था कि एक लाख सेना दक्षिण आ गई है और दस शहर जीत लिए हैं। यह खबर बहुत भयानक थी। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में युद्ध का भय दिखाया गया तो रोंगटे खड़े हो गए। सभी पात्रों के चेहरे पर चिंता साफ दिख रही थी। यह दिखाता है कि बाहर की दुनिया में क्या चल रहा है और महल के अंदर की राजनीति कैसे प्रभावित होगी। यह मोड़ कहानी को नई ऊंचाई पर ले जाता है। डर का माहौल है।

विश्वनाथ की चालाकी

विश्वनाथ जी का किरदार बहुत रहस्यमयी लगा। जब सब डरे हुए थे तो वह शांत था। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में उनका यह रूप देखने को मिला तो प्रशंसा करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि जब हूण महान झोऊ को हरा देंगे तब सब मदद मांगने आएंगे। यह दूरदर्शिता उनकी ताकत है। उनका यह रवैया बताता है कि वह खेल के नियंता हैं। दर्शक उनके अगले कदम का इंतजार करेंगे। बहुत गहरा किरदार है।

परिवार का रहस्य

लड़के का बार बार यह कहना कि वह मेरा सगा पिता है, संदेह पैदा करता है। क्या वाकई ऐसा है या कोई योजना है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में पारिवारिक रिश्तों को ऐसे दिखाया गया तो दिलचस्प लगा। सब लोग हैरान थे और पुष्टि कर रहे थे। यह रिश्ता आगे चलकर कहानी का केंद्र बन सकता है। भावनात्मक पक्ष और राजनीति का मिश्रण बहुत अच्छा बना है। यह देखना बाकी है कि सच क्या है। रहस्य बना है।

पोशाक और सजावट

इस नाटक में पात्रों की पोशाक और महल की सजावट बहुत शानदार है। लाल और काले रंग का प्रयोग बहुत प्रभावशाली लगा। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ की दृश्य सजावट देखी तो मन मोह लिया। महारानी के गहने और सिर की सजावट बहुत भव्य थी। रात के दृश्य में रोशनी का उपयोग भी बहुत अच्छा किया गया है। यह सब देखने में बहुत सुंदर लगता है और कहानी का मजा बढ़ाता है। कला निर्देशन बहुत अच्छा है। नजारा सुंदर है।

अंत का क्लिफहेंगर

अंत में जब वे दोनों बगीचे में चल रहे थे तो बात अधूरी लग रही थी। उन्होंने कहा कि सबको एक साथ खत्म करना है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ का यह भाग खत्म हुआ तो मन में सवाल रह गए। क्या वे सच में हूणों को हरा पाएंगे। यह अनिश्चितता दर्शकों को अगले भाग के लिए तैयार करती है। कहानी की रफ्तार बहुत तेज है और हर पल कुछ नया होता है। यह बहुत रोमांचक अनुभव रहा। अंत बहुत अच्छा है।