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(डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँवां64एपिसोड

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(डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ

महान झोउ के सम्राट रुद्रसिंह ने हूणों को हराकर सारे राज्य जीत लिए। उसे 'तारा खान' कहा गया। पर सत्ता के मोह में उसने अपनी रानी खो दी, फिर सब छोड़कर पुत्र संग सरयू नगर में रहने लगा। एक दिन वफ़ा राज्य की महारानी चंद्रावती, जिसका पीछा दुश्मन कर रहे थे, उसकी झोपड़ी में आ निकली। अनजाने में दोनों के बीच एक रात का संबंध बन गया। रुद्रसिंह का शांत जीवन हमेशा के लिए बदल गया।
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इस एपिसोड की समीक्षा

महारानी का नया रूप

महारानी का रूब देखकर मैं हैरान रह गया। उसने कैसे हिम्मत जुटाई यह सब करने की। पतिदेव भी थक गया था शायद इसलिए उसने अनुमति दे दी। लेकिन चाचा लोगों का अचानक आना मुश्किल बढ़ा रहा है। डबिंग जब महारानी बनी सौतेली माँ में यह मोड़ बहुत अच्छा लगा। आगे क्या होगा देखना बाकी है। काश मैं भी वहां होता। महारानी की आंखों में डर नहीं था।

पतिदेव की थकान

पतिदेव की आंखों में थकान साफ दिख रही थी। महारानी ने सही समय पर मदद की पेशकश की। पर क्या यह सिर्फ मदद है या कुछ और प्लान। नौकरानी की प्रतिक्रिया भी देखने लायक थी। डबिंग जब महारानी बनी सौतेली माँ की कहानी में हर पल नया मोड़ आ रहा है। मुझे यह पात्र बहुत पसंद आ रहे हैं। संवाद भी बहुत भारी हैं।

चाचा लोगों की एंट्री

जैसे ही चाचा लोग दरबार में आए, माहौल बदल गया। महारानी ने पूछा कि किसने बुलाया। यह सवाल बहुत तेज था। लगता है अब असली खेल शुरू होने वाला है। डबिंग जब महारानी बनी सौतेली माँ में सस्पेंस बना हुआ है। मुझे अगला एपिसोड देखने की जल्दी है। सेटिंग भी बहुत शानदार है। दीवारों पर बने ड्रैगन भी।

सिंहासन की जंग

सिंहासन छोड़ने की बात सुनकर चौंक गया। महारानी इतनी आसानी से हार मानने वाली नहीं लगती। उसकी आंखों में आग है। पतिदेव का समर्थन भी जरूरी होगा। डबिंग जब महारानी बनी सौतेली माँ में पावर स्ट्रगल बहुत अच्छे से दिखाया गया है। मैं इस ड्रामे का फैन बन गया हूं। हर सीन में कुछ नया है जो पसंद आता है।

महारानी की चाल

महारानी ने बहुत चालाकी से काम लिया। पहले पतिदेव को आराम करने भेजा और फिर खुद बैठ गई। यह प्लान पहले से बना था क्या। नौकरानी भी कन्फ्यूज हो गई। डबिंग जब महारानी बनी सौतेली माँ में ऐसे ट्विस्ट्स मिलते हैं। मुझे यह स्टोरीलाइन बहुत पसंद आ रही है। बस यही देखता रहूं। वक्त कैसे बीतता है पता नहीं।

दरबार का नजारा

दरबार का नजारा बहुत भव्य लग रहा था। सुनहरी दीवारें और महंगे कपड़े। महारानी का लुक सबसे बेहतरीन था। जब चाचा आए तो टेंशन बढ़ गई। डबिंग जब महारानी बनी सौतेली माँ की प्रोडक्शन क्वालिटी टॉप है। एक्टिंग भी नेचुरल लग रही है। मैंने नेटशॉर्ट पर कई ड्रामे देखे हैं। यह सबसे अलग है।

रिश्तों की उलझन

रिश्तों की उलझन बढ़ती जा रही है। चाचा को भतीजी कहकर बुलाया गया। पर वे अधिकार जता रहे हैं। महारानी अकेली पड़ गई है। पतिदेव कहां हैं अब। डबिंग जब महारानी बनी सौतेली माँ में इमोशनल ड्रामा भी है। मुझे हर कैरेक्टर की परफॉर्मेंस पसंद आ रही है। सच में बहुत अच्छा है। दिल छू लेता है।

सत्ता का नशा

सत्ता का नशा सबके सिर चढ़ रहा है। चाचा लोग राजगद्दी छोड़ने को कह रहे हैं। महारानी चुपचाप सुन रही है। लगता है तूफान आने वाला है। डबिंग जब महारानी बनी सौतेली माँ में यह क्लाइमेक्स बहुत धमाकेदार होगा। मैं बस यही सोच रहा हूं कि आगे क्या होगा। बहुत उत्सुक हूं। रात को नींद नहीं आएगी।

नौकरानी की हैरानी

नौकरानी की हैरानी साफ दिख रही थी। महारानी ने उसे सेवा करने को कहा था। पर अब सब बदल गया। वह समझ नहीं पा रही थी। डबिंग जब महारानी बनी सौतेली माँ में छोटे किरदार भी अच्छे हैं। मुझे यह डिटेलिंग बहुत पसंद आती है। हर एंगल से कहानी बताई गई है। बहुत मेहनत लगी है बनाने में।

अगले एपिसोड का इंतजार

अगले एपिसोड का इंतजार नहीं हो रहा। महारानी क्या जवाब देगी चाचाओं को। क्या पतिदेव वापस आएंगे। यह सवाल दिमाग में है। डबिंग जब महारानी बनी सौतेली माँ ने मुझे बांध लिया है। मैं हर रोज चेक करता हूं। नेटशॉर्ट ऐप पर देखना बहुत आसान है। सबको जरूर देखना चाहिए।