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(डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँवां63एपिसोड

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(डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ

महान झोउ के सम्राट रुद्रसिंह ने हूणों को हराकर सारे राज्य जीत लिए। उसे 'तारा खान' कहा गया। पर सत्ता के मोह में उसने अपनी रानी खो दी, फिर सब छोड़कर पुत्र संग सरयू नगर में रहने लगा। एक दिन वफ़ा राज्य की महारानी चंद्रावती, जिसका पीछा दुश्मन कर रहे थे, उसकी झोपड़ी में आ निकली। अनजाने में दोनों के बीच एक रात का संबंध बन गया। रुद्रसिंह का शांत जीवन हमेशा के लिए बदल गया।
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इस एपिसोड की समीक्षा

राजा की चालाकी देखकर दंग रह गए

राजा की चालाकी देखकर दंग रह गए। उन्होंने अनाज को चोकर से बदलने का जो योजना बनाई है, वह वाकई बहुत बुद्धिमानी भरी है। अमीर लोग चोकर नहीं खाएंगे पर गरीबों को राहत मिलेगी। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में ऐसे ही दिमागी खेल देखने को मिलते हैं जो मन को भाते हैं। राजा का हर फैसला सोच समझकर होता है और यह श्रृंखला हमें राजनीति की बारीकियां सिखाती है। वास्तव में यह दृश्य बहुत प्रभावशाली है।

महारानी को राजधर्म समझाने का तरीका

महारानी को राजधर्म समझाने का तरीका बहुत गहरा था। राजा ने बताया कि शासक होने के नाते दुनिया की हर चीज काम आनी चाहिए। यह सीख सिर्फ नाटक तक सीमित नहीं है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में पात्रों के बीच का संवाद बहुत सशक्त है। महारानी की आंखों में सम्मान और सीखने की ललक साफ दिख रही थी। ऐसे ऐतिहासिक ड्रामा देखना सुकून देने वाला होता है जब इसमें गहराई हो।

जनरल झाओ पर शक होना जायज था

जनरल झाओ पर शक होना जायज था क्योंकि उसने झूठी खबर दी थी। राजा ने चुपके से जांच भेजने का फैसला किया जो बहुत सुरक्षित तरीका है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में सस्पेंस बना रहता है कि आगे क्या होगा। दरबार की सजावट और पोशाकें भी बहुत शानदार लग रही थीं। कलाकारों के अभिनय ने इस साधारण बातचीत को भी रोमांचक बना दिया है। मुझे यह किरदार बहुत पसंद आया।

सूखे की स्थिति में जमींदारों की लालच

सूखे की स्थिति में जमींदारों द्वारा अनाज हड़पना बहुत दुखद है। राजा ने कठोर फैसला लेते हुए कुछ सिर काटने की बात कही जो जरूरी भी था। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में दिखाया गया है कि न्याय के लिए कठोरता कब जरूरी होती है। पीड़ितों तक अनाज पहुंचना सबसे जरूरी है और इसके लिए कदम उठाने चाहिए। यह कहानी हमें समाज की सच्चाई दिखाती है।

राजा और महारानी के बीच का तालमेल

राजा और महारानी के बीच का तालमेल बहुत प्यारा लग रहा है। वे एक दूसरे का सम्मान करते हैं और राज्य के हित में सोचते हैं। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में रिश्तों की यह गहराई देखने लायक है। महारानी ने राजा की तारीफ की और राजा ने उसे आगे बढ़ने का मौका दिया। ऐसे सीन देखकर लगता है कि सच्ची साझेदारी क्या होती है। यह श्रृंखला दिल को छू लेती है।

वफा राज्य पर हमले की खबर

वफा राज्य पर हमले की खबर ने सबको चिंतित कर दिया था। लेकिन राजा ने घबराहट में आने के बजाय ठंडे दिमाग से योजना बनाई। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में नेतृत्व के ऐसे गुण दिखाए गए हैं जो प्रेरणादायक हैं। सेनापति बनाने की बात सिर्फ दिखावे के लिए थी असल में जांच करनी थी। यह चालाकी भरा खेल मुझे बहुत भाया। हर एपिसोड में कुछ नया सीखने को मिलता है।

एक किलो अनाज के बदले तीन किलो चोकर

एक किलो अनाज के बदले तीन किलो चोकर मिलना गरीबों के लिए वरदान साबित होगा। अमीर लोग इसे नहीं खाएंगे तो अनाज बच जाएगा। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में ऐसे समाधान सुझाए गए हैं जो व्यावहारिक हैं। राजा की दूरदर्शिता कायल करने वाली है। इस तरह की समस्याओं का हल निकालना आसान नहीं होता। कलाकारों ने अपने संवाद बहुत अच्छे से बोले हैं।

दरबार का माहौल बहुत गंभीर था

दरबार का माहौल बहुत गंभीर था और हर कोई राजा के फैसले का इंतजार कर रहा था। महारानी भी चुपचाप सब सुन रही थीं। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में तनाव को बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है। पीछे खड़ी दासी के चेहरे पर भी चिंता साफ झलक रही थी। छोटे छोटे विवरण कहानी को असली बनाते हैं। मुझे यह ऐतिहासिक शैली बहुत पसंद आ रही है।

बहुत सारे सिर काटने चाहिए

राजा ने कहा कि बहुत सारे सिर काटने चाहिए ताकि अनाज अपने आप उगल दें। यह सुनकर थोड़ा डर लगा पर यह जरूरी था। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में सत्ता का असली चेहरा दिखाया गया है। कभी कभी कठोर फैसले ही बुराई को जड़ से खत्म कर सकते हैं। जमींदारों की लालच को रोकना ही अब प्राथमिकता है। यह कहानी बहुत रोचक मोड़ ले रही है।

शासक होने का धर्म क्या है

अंत में राजा ने महारानी को याद दिलाया कि शासक होने का धर्म क्या है। यह संवाद बहुत भारी और अर्थपूर्ण था। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में ऐसे क्षण बार बार देखने को मिलते हैं। महारानी ने भी स्वीकार किया कि उसने बहुत कुछ सीखा है। यह शिक्षाप्रद दृश्य दर्शकों के लिए भी सबक है। मुझे यह श्रृंखला बहुत पसंद आ रही है और मैं इंतजार कर रहा हूं।