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(डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँवां28एपिसोड

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(डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ

महान झोउ के सम्राट रुद्रसिंह ने हूणों को हराकर सारे राज्य जीत लिए। उसे 'तारा खान' कहा गया। पर सत्ता के मोह में उसने अपनी रानी खो दी, फिर सब छोड़कर पुत्र संग सरयू नगर में रहने लगा। एक दिन वफ़ा राज्य की महारानी चंद्रावती, जिसका पीछा दुश्मन कर रहे थे, उसकी झोपड़ी में आ निकली। अनजाने में दोनों के बीच एक रात का संबंध बन गया। रुद्रसिंह का शांत जीवन हमेशा के लिए बदल गया।
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इस एपिसोड की समीक्षा

महारानी का अंदाज देखकर दंग रह गया

महारानी का अंदाज देखकर दंग रह गया। तीन दिन में शादी और हर उपहार की कीमत हजार चांदी? कमांडर रुद्र कुमार की हालत खराब हो गई। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में ऐसी कहानी पहली बार देखा। सच में रानी बहुत चालाक है जो अमीरों से पैसा लेगी और गरीबों को वापस करेगी। कमांडर बेचारा बीच में फंस गया। उसे अब सबको मनाना होगा।

कमांडर का चेहरा देखकर हंसी आ रही थी

कमांडर रुद्र कुमार का चेहरा देखकर हंसी आ रही थी। महारानी ने जब शादी का ऐलान किया तो वो हक्का बक्का रह गया। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ की कहानी में यह मोड़ बहुत अच्छा लगा। रानी सिर्फ पैसा नहीं जुटा रही, बल्कि अपनी ताकत भी दिखा रही है। वैसे सेट की सजावट भी बहुत सुंदर है। रात का माहौल बहुत भावुक लग रहा था।

जालिम रानी पर दिल आ गया

यह महारानी सच में जालिम है पर दिल की अच्छी लगती है। उसने साफ कह दिया कि प्रतिष्ठित कुलों के पैसे उसकी जेब में आएंगे। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में ऐसे किरदार ही जान डालते हैं। कमांडर को डर है कि पूरा दरबार उससे नाराज हो जाएगा। पर रानी को किसी की परवाह नहीं है। वो अपनी मर्जी की मालकिन है।

शादी की तैयारी की जिम्मेदारी

शादी की तैयारी की जिम्मेदारी कमांडर रुद्र कुमार को दी गई है। वो बार बार मना कर रहा है पर रानी नहीं मान रही। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में यह सत्ता का खेल बहुत मजेदार है। रानी की आंखों में चमक देखकर लगता है उसने कुछ बड़ी योजना बनाई है। कमांडर बेचारा क्या करेगा अब? उसे रास्ता ढूंढना होगा।

हजार चांदी का उपहार मांगना

हजार चांदी का उपहार मांगना आम बात नहीं है। महारानी ने तो सीधा शर्त रख दी कि नहीं तो राजद्रोह होगा। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में इतना नाटक कम ही देखने को मिलता है। कमांडर रुद्र कुमार की घबराहट असली लग रही थी। वैसे रानी के कपड़े और गहने बहुत भारी और सुंदर हैं। शृंगार भी बहुत निखरा हुआ लग रहा था।

अंत में हास्य का रंग

अंत में जो दूसरा व्यक्ति आया उसने कमांडर को नाचते हुए देख लिया। माहौल थोड़ा हल्का हो गया। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में हास्य का रंग भी है। महारानी चली गई पर कमांडर की मुसीबतें बढ़ गई हैं। उसे अब पूरे दरबार को मनाना होगा। देखना दिलचस्प होगा कि वो कैसे संभालेगा। क्या वो सफल होगा?

रानी का भरोसा और कमांडर का डर

महारानी ने कमांडर से कहा कि उसे उस पर भरोसा है। यह सुनकर कमांडर थोड़ा शांत हुआ पर फिर भी डरा हुआ है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में रिश्तों की यह कशमकश अच्छी लगी। रानी का इरादा साफ है, वो किसी को नीचा नहीं दिखाना चाहती बिना वजह। पर तरीका थोड़ा कठोर है। फिर भी योजना बुद्धिमानी भरी है।

रात का दृश्य बहुत खूबसूरत था

रात का दृश्य बहुत खूबसूरत था। लालटेन की रोशनी और पुराने घर की सज्जा बहुत अच्छी बनी है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ की दृश्य पर कोई समझौता नहीं किया गया। कमांडर रुद्र कुमार का नीला पोशाक रानी के गुलाबी कपड़ों के साथ अच्छा लग रहा था। कहानी में दम है। हर छवि बहुत ध्यान से बनाई गई है।

पहला विवाह और भावनात्मक पक्ष

रानी ने कहा कि यह उसका पहला विवाह है इसलिए भव्य होना चाहिए। कमांडर को लगा वो मर जाएगा इतना काम करके। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में भावनात्मक पक्ष भी है। रानी अकेलेपन में भी मजबूत खड़ी है। कमांडर की निराशा देखकर लगता है वो इस लायक नहीं है। पर उसे कोशिश करनी होगी।

कुल मिलाकर मनोरंजक प्रसंग

कुल मिलाकर यह प्रसंग बहुत मनोरंजक था। महारानी की चालाकी और कमांडर की बेबसी देखने लायक है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ को इस मंच पर देखना एक अच्छा अनुभव है। आगे क्या होगा यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है। कमांडर अब कैसे इस जाल से निकलेगा? यह देखना बाकी है।