PreviousLater
Close

(डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँवां68एपिसोड

3.0K6.0K

(डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ

महान झोउ के सम्राट रुद्रसिंह ने हूणों को हराकर सारे राज्य जीत लिए। उसे 'तारा खान' कहा गया। पर सत्ता के मोह में उसने अपनी रानी खो दी, फिर सब छोड़कर पुत्र संग सरयू नगर में रहने लगा। एक दिन वफ़ा राज्य की महारानी चंद्रावती, जिसका पीछा दुश्मन कर रहे थे, उसकी झोपड़ी में आ निकली। अनजाने में दोनों के बीच एक रात का संबंध बन गया। रुद्रसिंह का शांत जीवन हमेशा के लिए बदल गया।
  • Instagram
इस एपिसोड की समीक्षा

तनाव से भरा दृश्य

इस दृश्य में तनाव बहुत अच्छे से दिखाया गया है। शुरू में लगता था कि यह प्रेम भरा दृश्य है लेकिन फिर अचानक गुस्सा देखकर हैरानी हुई। राजा के चेहरे पर क्रोध स्पष्ट था। पत्नी की घबराहट असली लगती थी। नेटशॉर्ट मंच पर यह देखना रोमांचक था। कहानी में यह मोड़ बहुत महत्वपूर्ण है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में ऐसे दृश्य बार-बार देखने को मिलते हैं जो दर्शकों को बांधे रखते हैं। पात्रों के बीच की रसायन विज्ञान बहुत जटिल है।

अभिनय की दास्तान

लड़की ने डर को बहुत खूबसूरती से व्यक्त किया। पहले वह आत्मविश्वास से भरी थी फिर चीखने लगी। पोशाकें और आभूषण बहुत सुंदर हैं। कमरे का सजावट ऐतिहासिक लगता है। यह कार्यक्रम देखकर मैं हैरान रह गया। कहानी में गहराई है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ की कहानी बहुत पेचीदा है। हर भाग में नया खुलासा होता है। मुझे यह शैली बहुत पसंद आ रही है।

क्रोध का रूप

राजा के गुस्से को देखकर डर लग रहा था। उसने जब सच्चाई जानी तो उसका व्यवहार बदल गया। गला दबाने वाला दृश्य बहुत तीव्र था। संवाद बहुत भारी थे। इज्जत और अपमान की बातें दिल को छू गईं। यह कार्यक्रम बिना बोर किए आगे बढ़ता है। नेटशॉर्ट पर मिली यह श्रृंखला बेहतरीन है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में पात्रों के रिश्ते बहुत उलझे हुए हैं। मुझे अगला भाग देखने की जल्दी है।

अप्रत्याशित मोड़

कहानी में यह मोड़ बहुत अप्रत्याशित था। लड़की ने सोचा था वह खेल रही है लेकिन खेल पलट गया। राजा ने उसे पहचान लिया यह बड़ी बात है। बचपन की बात करना बहुत अजीब लगा। यह रहस्य और भी गहरा हो गया है। दृश्य की रोशनी बहुत अच्छी थी। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में ऐसे मोड़ बहुत आते हैं। दर्शक हमेशा हैरान रहते हैं। मुझे यह कहानी बहुत पसंद आ रही है।

संवादों की ताकत

संवादों की ताकत इस दृश्य में साफ दिखती है। कौन हो तुम वाला सवाल बहुत गहरा था। साजिश की बात ने कहानी को नया मोड़ दिया। पत्नी की चीखें सुनकर बुरा लगा। राजा का रवैया बहुत सख्त था। यह ऐतिहासिक नाटक बहुत अच्छा बना है। नेटशॉर्ट मंच का अनुभव अच्छा रहा। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ की लोकप्रियता बढ़ रही है। ऐसे दृश्य इसे खास बनाते हैं। मैं इसे सभी को सुझाऊंगा।

माहौल और रोशनी

कमरे का माहौल बहुत गर्म था फिर अचानक ठंडा हो गया। लाल पर्दे पृष्ठभूमि में अच्छे लग रहे थे। मोमबत्ती की रोशनी ने ड्रामा बढ़ाया। पात्रों के बीच की दूरी बदलती रही। यह दृश्य बहुत यादगार बन गया। कहानी में दम है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में दृश्य बहुत अच्छे हैं। हर दृश्य को सजाया गया है। मुझे यह कलाकारी बहुत भाई है।

चीख और दया

लड़की ने मदद के लिए चीखा तो दिल दहल गया। राजा ने कोई दया नहीं दिखाई। यह शक्ति संघर्ष बहुत तेज था। सबूत मिल गया कि वह कोई और है। राजकुमार की पत्नी वाला खुलासा बड़ा था। कहानी आगे कैसे बढ़ेगी यह देखना है। नेटशॉर्ट पर यह कार्यक्रम शीर्ष पर है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में रहस्य बना रहता है। मुझे अगला भाग देखने का इंतजार है।

आंखों का खेल

अभिनय में बहुत बारीकियां थीं। आंखों के इशारे सब कुछ बता रहे थे। पहले प्यार फिर नफरत का बदलाव तेज था। संवाद हिंदी में होने से समझने में आसानी हुई। यह भाषा बहुत अच्छी लगी। कहानी में जान है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में भावनाएं बहुत गहरी दिखाई गई हैं। दर्शक इससे जुड़ जाते हैं। मुझे यह शैली बहुत पसंद आ रही है।

विश्वास और धोखा

यह दृश्य बताता है कि राजमहल में सुरक्षा नहीं है। कोई भी किसी पर भरोसा नहीं कर सकता। धोखा और साजिश हर जगह है। राजा का संदेह जायज लग रहा था। पत्नी की चाल नाकाम हो गई। यह कहानी बहुत रोचक है। नेटशॉर्ट मंच पर देखने में मजा आया। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में ऐसे ही उतार चढ़ाव आते हैं। मैं इसका प्रशंसक बन गया हूं।

अंत की बेचैनी

अंत में जब उसने गला पकड़ा तो सांस रुक गई। लड़की की हालत खराब हो गई। यह बदला बहुत कड़वा था। सच्चाई सामने आ गई है अब क्या होगा। कहानी में नया मोड़ आ गया है। यह कार्यक्रम बहुत लोकप्रिय हो रहा है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ की कहानी बहुत पेचीदा है। मुझे अगला भाग देखने की जल्दी है। यह मेरा पसंदीदा कार्यक्रम बन गया है।