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(डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँवां36एपिसोड

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(डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ

महान झोउ के सम्राट रुद्रसिंह ने हूणों को हराकर सारे राज्य जीत लिए। उसे 'तारा खान' कहा गया। पर सत्ता के मोह में उसने अपनी रानी खो दी, फिर सब छोड़कर पुत्र संग सरयू नगर में रहने लगा। एक दिन वफ़ा राज्य की महारानी चंद्रावती, जिसका पीछा दुश्मन कर रहे थे, उसकी झोपड़ी में आ निकली। अनजाने में दोनों के बीच एक रात का संबंध बन गया। रुद्रसिंह का शांत जीवन हमेशा के लिए बदल गया।
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इस एपिसोड की समीक्षा

महल का राज़

यह दृश्य बहुत ही रहस्यमय है। मंत्री को संदेह है कि महारानी दो दिन से महल नहीं आई हैं। लेकिन अंदर का नज़ारा कुछ और ही है। राजा और रानी के बीच की बातचीत में एक अलग ही खेल चल रहा है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में ऐसा लगता है कि हर कोई एक दूसरे को धोखा दे रहा है। शक्ति का संतुलन बहुत दिलचस्प है।

ताकत का खेल

राजा की सलाह बहुत गहरी है। वह कहता है कि शक्ति अपने हाथ में रखनी चाहिए। यह सिर्फ एक प्रेम कहानी नहीं है बल्कि सत्ता की लड़ाई है। रानी अपने चाचा की बात करती है लेकिन राजा को सब पता है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ की कहानी में हर किरदार की अपनी मंशा है। मुझे यह राजनीति पसंद आई।

संदेह की आग

लाल कपड़ों वाला मंत्री बहुत चिंतित है। उसे लगता है कि महारानी का प्रेमी बहुत तगड़ा है। यह गलतफहमी आगे चलकर बड़ा विद्रोह खड़ी कर सकती है। पर्दे पर जो तनाव दिखाया गया है वह बहुत असली लगता है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में ऐसे मोड़ आते हैं जो सांस रोक देते हैं। अभिनय बहुत शानदार है।

चाचा की वापसी

रानी बताती है कि उसके चाचा कल लौट रहे हैं और शादी करवाएंगे। यह बात राजा के चेहरे पर अलग ही प्रतिक्रिया लाती है। लगता है चाचा की वापसी से सब कुछ बदलने वाला है। कहानी में यह मोड़ बहुत जरूरी था। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में परिवार के रिश्ते भी राजनीति का हिस्सा बन जाते हैं। देखने में मज़ा आ रहा है।

वफादारी का सवाल

राजा कहता है कि मंत्री को ज्यादा शक्ति देना खतरनाक है। खासकर जब वे शाही खानदान से हों। यह संवाद बहुत भारी था। लगता है राजा अपने ही लोगों से सावधान है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में भरोसा सबसे कीमती चीज है। मुझे यह संवाद प्रस्तुति बहुत पसंद आई।

सपनों का राजकुमार

रानी कहती है कि राजा उसके सपनों का राजकुमार है। लेकिन क्या यह सच है या कोई चाल? रानी का अभिनय बहुत मासूमियत भरा है लेकिन आंखों में चालाकी है। यह दोहरा किरदार बहुत अच्छे से निभाया गया है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में हर मुस्कान के पीछे एक राज छिपा है। मुझे यह कहानी बहुत पसंद आ रही है।

महल की दीवारें

महल की दीवारें भी बातें करती हैं। नौकरानी को सब पता है और मंत्री को भी। लेकिन असली खेल तो बिस्तर पर हो रहा है। मंच सजावट और कपड़े बहुत शानदार हैं। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ का हर दृश्य एक चित्र जैसा लगता है। दृश्य बहुत आंखों को सुकून देते हैं।

पिता की निशानी

राजा को पता है कि रानी के पिता ने उसके लिए कुछ छोड़ दिया था। यह जानकारी उसे कैसे मिली? लगता है राजा की जासूसी व्यवस्था बहुत मजबूत है। कहानी में यह रहस्य बना हुआ है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में पिछले राज भी धीरे धीरे खुलते हैं। मुझे यह रहस्य तत्व बहुत पसंद आया।

थकान का बहाना

रानी कहती है कि वह बहुत थक गई है। यह थकान असली है या नाटक? राजा उसे सहारा देता है लेकिन उसकी आंखें सब देख रही हैं। इन छोटे छोटे इशारों ने दृश्य को बहुत गहरा बना दिया। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में भावनाओं का खेल बहुत बारीकी से दिखाया गया है। अभिनेत्री का काम काबिले तारीफ है।

सावधान रहना

अंत में राजा चेतावनी देता है कि तुम सावधान रहना। यह डर का माहौल बहुत गहरा है। लगता है आगे चलकर कोई बड़ा हादसा होने वाला है। दर्शक के रूप में मैं अगली कड़ी का इंतजार नहीं कर सकता। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में हर कड़ी के बाद उत्सुकता बढ़ जाती है। यह कहानी बहुत रोमांचक है।