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(डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँवां55एपिसोड

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(डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ

महान झोउ के सम्राट रुद्रसिंह ने हूणों को हराकर सारे राज्य जीत लिए। उसे 'तारा खान' कहा गया। पर सत्ता के मोह में उसने अपनी रानी खो दी, फिर सब छोड़कर पुत्र संग सरयू नगर में रहने लगा। एक दिन वफ़ा राज्य की महारानी चंद्रावती, जिसका पीछा दुश्मन कर रहे थे, उसकी झोपड़ी में आ निकली। अनजाने में दोनों के बीच एक रात का संबंध बन गया। रुद्रसिंह का शांत जीवन हमेशा के लिए बदल गया।
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इस एपिसोड की समीक्षा

विशाल का धमाकेदार एंट्री

जब विशाल ने शादी रोकने के लिए दहाड़ मारी तो पूरी सभा सन्न रह गई। सम्राट का चेहरा देखने लायक था। बीस साल पहले का अतीत का दृश्य ने सब कुछ स्पष्ट कर दिया। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में ऐसे मोड़ देखने को मिलते हैं। वफ़ा राज्य की राजमाता सुमित्रा की अनुपस्थिति में यह समारोह तनावपूर्ण हो गया है। विशाल की आंखों में गुस्सा और सम्राट की आंखों में हैरानी साफ झलक रही थी। यह कहानी आगे क्या मोड़ लेगी यह देखना दिलचस्प होगा।

सम्राट और विशाल का रिश्ता

वफ़ा राज्य के पूर्व सम्राट वीरेंद्र की यादों के बीच यह विवाह समारोह शुरू हुआ था लेकिन विशाल ने सब बदल दिया। सम्राट ने कहा कि मैंने ही तुम्हारे लिए चुना है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ की कहानी में रिश्तों की यह जटिलता बहुत गहरी है। बचपन में विशाल को गोद में बैठाने वाला सम्राट आज सामने खड़ा है। अभिनय बहुत ही लाजवाब है खासकर जब विशाल हैरान होता है। हर एपिसोड के बाद उत्सुकता बढ़ती जाती है।

रानी का घबराया हुआ चेहरा

हरे और लाल पोशाक में सजी रानी का चेहरा जब विशाल को देखकर बदला तो लगा कि कुछ गड़बड़ है। उसे लगा था कि यह केवल एक औपचारिक विवाह है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में महिला किरदारों की स्थिति बहुत नाजुक दिखाई गई है। सम्राट की मुस्कान के पीछे छिपा राज क्या है यह जानना जरूरी है। माता पिता को प्रणाम करने के बाद यह हंगामा शुरू हुआ। मंच सजावट और पोशाकें बहुत ही शाही लग रही हैं। नेटशॉर्ट ऐप पर गुणवत्ता बहुत अच्छी है।

बीस साल पुरानी यादें

जब सम्राट ने कहा ये कितना बड़ा हो गया है तो लगा कि समय कैसे बदल गया। बीस साल पहले का दृश्य बहुत ही भावुक था जहां एक छोटा बच्चा धर्मपिता को प्रणाम करता है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में समय के अंतराल का उपयोग बहुत अच्छे से किया गया है। विश्वनाथ की तारीफ करते हुए सम्राट ने उसे अपनाया था। अब वही विशाल उसके लिए मुसीबत बन गया है। संवाद बहुत ही दमदार हैं जो सीधे दिल पर लगते हैं। दर्शक इस कहानी से जुड़ते चले जा रहे हैं।

विवाह में बाधा बनकर आया विशाल

जिसने हमारी दुल्हन को छीनने की हिम्मत की है यह संवाद बहुत ही शक्तिशाली था। विशाल की आवाज में अधिकार था जो बताता है कि उसका स्थान क्या है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में ऐसे संघर्ष देखने को मिलते हैं जो आम जीवन से जुड़े हैं। लाल कार्पेट पर खड़े लोग सब हैरान थे। सम्राट का शांत रहना भी एक रणनीति हो सकती है। यह शो देखने के बाद आप सोचने पर मजबूर हो जाएंगे। नेटशॉर्ट ऐप का पृष्ठ भी बहुत सुंदर है।

प्रधानमंत्री के बेटे की पहचान

जब किसी ने पूछा ये लोग कौन हैं तो पता चला कि यह महान झोऊ कि प्रधानमंत्री के सबसे बड़े बेटे विशाल हैं। यह पहचान ही सब कुछ बदल देती है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में राजनीति और परिवार का मिश्रण बहुत अच्छा है। विशाल की पोशाक सफेद थी जो उसकी शुद्धता को दर्शाती है। सम्राट की पीली पोशाक उसकी सत्ता का प्रतीक है। रंगों का प्रयोग कहानी कहने में मदद करता है। यह दृश्य छायांकन का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

धर्मपिता और धर्मपुत्र का टकराव

प्रणाम धर्मपिता कहने वाला बच्चा आज सम्राट के सामने खड़ा है। सम्राट ने कहा शाबाश बेटे और गोद में बैठने को कहा था। वही संबंध आज तनाव का कारण बना है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में रिश्तों की मर्यादा को तोड़ते हुए दिखाया गया है। विशाल की आंखों में आंसू और गुस्सा दोनों थे। सम्राट की मुस्कान में छिपा दर्द कोई नहीं देख सकता। यह कहानी हमें सिखाती है कि रिश्ते कितने नाजुक होते हैं। हर दृश्य में एक नया रहस्य खुलता है।

समारोह का तनावपूर्ण माहौल

मोमबत्तियों की रोशनी में यह समारोह बहुत ही पवित्र लग रहा था। लेकिन विशाल के आने से माहौल में तनाव आ गया। सभी लोग लाल पोशाक में खड़े थे जो खतरे का संकेत दे रहा था। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में वातावरण का निर्माण बहुत ही बेहतरीन है। स्वर्ग पृथ्वी को प्रणाम करने के बाद यह हंगामा हुआ। धूप की खुशबू और मोमबत्ती की लौ ने दृश्य को सुंदर बनाया। लेकिन कहानी में जो आंधी आई वह सब कुछ ले गई। यह शो देखने का अनुभव बहुत ही रोमांचक है।

सम्राट की चुनौती और विशाल का जवाब

सम्राट ने कहा मैंने ही तुम्हारे लिए चुना है जो कि एक बड़ी जिम्मेदारी है। विशाल ने चुप रहकर भी अपनी नाराजगी जाहिर कर दी। यह मौन संवाद बहुत ही प्रभावशाली था। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में पात्रों की मनोविज्ञान को बहुत बारीकी से दिखाया गया है। सम्राट की आंखों में एक अलग ही चमक थी। विशाल का खड़ा होना और सामने देखना उसकी हिम्मत दिखाता है। यह कहानी आगे बढ़ते हुए और भी रोचक होगी। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे शो मिलना दुर्लभ है।

कहानी का अगला मोड़ क्या होगा

वफ़ा राज्य की राजमाता सुमित्रा की अनुमति के बिना यह सब हो रहा है। विशाल के आने के बाद कहानी में एक नया आयाम आ गया है। क्या विवाह रुक जाएगा या जारी रहेगा यह देखना बाकी है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में हर एपिसोड के अंत में एक रोमांचक अंत होता है। दर्शक अगले भाग का इंतजार नहीं कर पाते। पात्रों के बीच का संवाद बहुत ही प्राकृतिक लगता है। यह शो परिवार के साथ देखने के लिए उपयुक्त है। मुझे यह कहानी बहुत पसंद आ रही है।