पिता और पुत्र के बीच की यह नोकझोंक देखकर बहुत मज़ा आया। पिताजी खाने से मना कर रहे हैं लेकिन बेटा ज़िद कर रहा है कि वो और खाएं। ऐसे में जब महारानी बनी सौतेली माँ का नाम आता है तो माहौल अचानक बदल जाता है। कॉमेडी टाइमिंग बहुत अच्छी है और अभिनय भी लाजवाब है। मुझे यह रिश्ता बहुत पसंद आया। दर्शकों को भी यह पसंद आएगा।
हॉटपॉट वाला सीन बहुत ही लाजवाब लगा। खाने के बीच में चल रही बातचीत में कई राज छिपे हैं जो धीरे धीरे खुल रहे हैं। बेटा पिता की शादी को लेकर चिंतित है पर उसका तरीका अजीब है। जब महारानी बनी सौतेली माँ में ऐसे मोड़ आते रहते हैं तो देखने में बहुत मज़ा आता है। कहानी में गहराई है। सबको यह देखना चाहिए।
अंत में कमांडर की एंट्री ने सबको चौंका दिया। महारानी का बुलावा आना और वो भी शादी की तैयारी के लिए। बेटे के चेहरे के भाव देखने लायक थे क्योंकि उसे यकीन नहीं हुआ। जब महारानी बनी सौतेली माँ की कहानी में यह ट्विस्ट बहुत बड़ा है और आगे की कहानी को नई दिशा देगा। बहुत उत्सुकता बढ़ गई है।
बेटे की शरारतें पिताजी को परेशान कर रही हैं। वो जानबूझकर पिता को चिढ़ा रहा है और मज़ाक कर रहा है। पिताजी गुस्से में आकर पीटने की धमकी देते हैं। जब महारानी बनी सौतेली माँ में रिश्तों की यह खटास भी कभी कभी मीठी लगती है। यह डायनामिक्स बहुत अच्छे हैं। मुझे यह कॉमेडी बहुत भाई।
पिताजी की शक्ल देखकर लग रहा है वो शादी को लेकर गंभीर नहीं हैं। लेकिन बेटा उन्हें मना रहा है कि यह मौका गंवाना नहीं चाहिए। यह देखना दिलचस्प है कि आगे क्या होता है। जब महारानी बनी सौतेली माँ में परिवारिक डायनामिक्स बहुत अच्छे दिखाए गए हैं। मुझे यह पसंद आया। कहानी आगे बढ़ेगी।
संवाद बहुत ही मज़ेदार हैं। खर्चीली औरत वाली बात बार बार आ रही है। लगता है यही महिला महारानी हैं जो सब कुछ कंट्रोल करती हैं। जब महारानी बनी सौतेली माँ में इस रहस्य को सुलझाना बहुत ज़रूरी हो गया है। दर्शक भी यह जानना चाहेंगे कि आगे क्या होगा। डायलॉग बहुत ही शानदार हैं।
पोशाकें और सेट बहुत ही शानदार हैं। प्राचीन काल का माहौल बखूबी बनाया गया है। खाने के बर्तन से लेकर कपड़ों तक सब कुछ सटीक है। जब महारानी बनी सौतेली माँ में विजुअल्स पर भी ध्यान दिया गया है। यह देखने में बहुत सुंदर लगता है और आंखों को अच्छा लगता है। निर्माण बहुत अच्छा है।
कमांडर के आते ही माहौल गंभीर हो गया। पहले हंसी मज़ाक चल रहा था। अब शादी की तैयारी का ज़िक्र है। जब महारानी बनी सौतेली माँ में यह बदलाव बहुत तेज़ी से आया है। अब देखना है पिताजी क्या फैसला लेते हैं और बेटा कैसे रिएक्ट करता है। कहानी में नया मोड़ आया है।
बेटे को यह यकीन नहीं हो रहा कि उसकी सौतेली माँ महारानी हैं। उसका रिएक्शन बहुत नेचुरल था और हैरानी साफ़ दिख रही थी। जब महारानी बनी सौतेली माँ में यह कॉन्फ्लिक्ट आगे की कहानी को आगे बढ़ाएगा। बहुत उत्सुकता है कि अब वो क्या कदम उठाएंगे। अंत बहुत शानदार था।
कुल मिलाकर यह एपिसोड बहुत एंटरटेनिंग रहा। हंसी और ड्रामा का सही मिश्रण है जो दर्शकों को बांधे रखता है। जब महारानी बनी सौतेली माँ को नेटशॉर्ट ऐप पर देखना एक अच्छा अनुभव है। आगे की कहानी का बेसब्री से इंतज़ार रहेगा। बहुत अच्छा लगा। सबको देखना चाहिए।