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(डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँवां45एपिसोड

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(डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ

महान झोउ के सम्राट रुद्रसिंह ने हूणों को हराकर सारे राज्य जीत लिए। उसे 'तारा खान' कहा गया। पर सत्ता के मोह में उसने अपनी रानी खो दी, फिर सब छोड़कर पुत्र संग सरयू नगर में रहने लगा। एक दिन वफ़ा राज्य की महारानी चंद्रावती, जिसका पीछा दुश्मन कर रहे थे, उसकी झोपड़ी में आ निकली। अनजाने में दोनों के बीच एक रात का संबंध बन गया। रुद्रसिंह का शांत जीवन हमेशा के लिए बदल गया।
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इस एपिसोड की समीक्षा

दुर्गेश का कमाल का अभिनय

दुर्गेश का अभिनय देखकर हंसी नहीं रुक रही है। वह कैसे गुस्से में चिल्लाता है और फिर रोने लगता है, यह कमाल का है। रूपाली शांति बनाए रखती है लेकिन उसकी आंखों में चालाकी साफ दिखती है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में ऐसे किरदार ही कहानी को आगे बढ़ाते हैं। प्रधानमंत्री विश्वनाथ का जिक्र आने पर माहौल तनावपूर्ण हो जाता है। मछली वाले की बेटी वाली बात ने सबको चौंका दिया। राजकुमार का गुस्सा जायज लग रहा है।

रूपाली की शांत साजिश

रूपाली की शांत मुद्रा के पीछे छिपी साजिश को समझना मुश्किल नहीं है। वह दुर्गेश को शांत करने की कोशिश कर रही है लेकिन असल में वह सब कुछ नियंत्रित करना चाहती है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ के इस एपिसोड में सस्पेंस बढ़ता जा रहा है। सूप का कटोरा पकड़कर वह जो कहती है, उसका मतलब गहरा है। महारानी की दखलअंदाजी से सब परेशान हैं। यह ड्रामा देखने में बहुत मजेदार लग रहा है।

सिपाही की चौंकाने वाली खबर

सिपाही की रिपोर्ट ने सबकी नींद उड़ा दी है। प्रधानमंत्री विश्वनाथ को मछली वाली पसंद है, यह खबर आग की तरह फैल रही है। दुर्गेश इस बात से बौखला गया है और मेज पर चढ़कर नाटक कर रहा है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में हर मोड़ पर नया बदलाव आता है। सफेद कपड़े वाले व्यक्ति की बातें भी गंभीर लग रही थीं। ठरकी भेड़िया वाला डायलॉग काफी मशहूर हो सकता है। कहानी में दिलचस्पी बढ़ती जा रही है।

रिश्तों की अनोखी जंग

राजकुमार और दुर्गेश के बीच की नोकझोंक देखने लायक है। एक तरफ गुस्सा है तो दूसरी तरफ नाटक। रूपाली बीच में आकर स्थिति को संभालने की कोशिश करती है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में रिश्तों की यह जंग देखने को मिलती है। शादी रोकने की बात से सब हैरान हैं। महारानी की हद पार करने वाली हरकतें चर्चा का विषय बन रही हैं। हर किरदार अपना रंग दिखा रहा है।

शानदार पोशाकें और सेट

पोशाकें और सेट बहुत ही शानदार लग रहे हैं। राजसी ठाठ बाठ के बीच यह राजनीति कमाल की लग रही है। दुर्गेश का सुनहरा वस्त्र उसकी अकड़ को दिखाता है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में दृश्यों पर भी बहुत मेहनत की गई है। रूपाली के नीले वस्त्र उसकी शांत छवि को दर्शाते हैं। कमरे की सजावट और खिड़कियों का डिजाइन आंखों को सुकून देता है। कहानी के साथ दृश्य भी प्रभावशाली हैं।

दमदार संवाद और डायलॉग

संवाद बहुत ही दमदार लिखे गए हैं। तुम हद पार कर रहे हो वाली लाइन में बहुत दर्द है। दुर्गेश की आवाज में जो कंपन है वह असली लगता है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ के डायलॉग याद रखने लायक हैं। मछली वाले वाले संवाद ने हंसी का माहौल बना दिया। प्रधानमंत्री का नाम लेते ही सब चुप हो गए। भाषा का प्रयोग बहुत सटीक हुआ है।

कहानी का अनसुलझा रहस्य

असल में कहानी क्या है यह अभी साफ नहीं है। मछली वाले की बेटी कौन है और उसकी शादी क्यों रुकनी चाहिए। रूपाली के इशारे कुछ और ही कहानी कह रहे हैं। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में रहस्य धीरे धीरे खुल रहा है। सफेद कपड़े वाला व्यक्ति कौन है यह जानने की उत्सुकता है। दुर्गेश की पत्नी की चालाकी देखकर हैरानी होती है। अगला एपिसोड देखने का मन कर रहा है।

भावनाओं की बारीक झलक

दुर्गेश के चेहरे के भाव देखकर लगता है कि वह सच में आहत है। वह रो रहा है लेकिन फिर गुस्सा भी दिखाता है। रूपाली की आंखों में चिंता साफ दिखती है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में भावनाओं को बहुत बारीकी से दिखाया गया है। राजकुमार की नसों में खून खौल रहा है यह डायलॉग प्रभावशाली है। हर किरदार के अपने मकसद हैं। यह ड्रामा दिल को छू लेता है।

कहानी की सही रफ्तार

कहानी की रफ्तार बहुत सही है। एक ही सीन में इतनी सारी जानकारी मिल जाती है। प्रधानमंत्री से लेकर महारानी तक सबका जिक्र आ जाता है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में बोरियत का नाम नहीं है। दुर्गेश का मेज पर खड़ा होना कॉमेडी और ड्रामा का मिश्रण है। रूपाली का सूप पकड़ाना एक अलग ही संकेत है। दर्शक बंधे रहते हैं।

रोचक शो का अनुभव

यह शो देखने में बहुत ही रोचक लग रहा है। हर किरदार की अपनी अहमियत है। सफेद कपड़े वाले की दहाड़ और दुर्गेश की सिसकियां। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में हर पल नया मोड़ लेता है। रूपाली की समझदारी सबको हैरान कर रही है। महारानी की दखलअंदाजी से कहानी में नया मोड़ आएगा। इस मंच पर देखने का अनुभव अच्छा रहा।