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(डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँवां35एपिसोड

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(डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ

महान झोउ के सम्राट रुद्रसिंह ने हूणों को हराकर सारे राज्य जीत लिए। उसे 'तारा खान' कहा गया। पर सत्ता के मोह में उसने अपनी रानी खो दी, फिर सब छोड़कर पुत्र संग सरयू नगर में रहने लगा। एक दिन वफ़ा राज्य की महारानी चंद्रावती, जिसका पीछा दुश्मन कर रहे थे, उसकी झोपड़ी में आ निकली। अनजाने में दोनों के बीच एक रात का संबंध बन गया। रुद्रसिंह का शांत जीवन हमेशा के लिए बदल गया।
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इस एपिसोड की समीक्षा

महारानी का खेल

इस दृश्य में तनाव साफ दिख रहा है। महारानी बार बार कह रही है कि जल्दी चले जाओ, लेकिन उस व्यक्ति को शक हो रहा है। उसे लग रहा है कि महारानी उसे इस्तेमाल कर रही है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में ऐसे मोड़ बहुत आते हैं। उस व्यक्ति का गुस्सा देखकर लगता है कि अब कुछ बड़ा होने वाला है। पीछे से आवाज सुनकर उसकी आंखें फैल जाती हैं। वह समझ नहीं पा रहा कि क्या हो रहा है।

शक की बुनियाद

उस व्यक्ति के चेहरे के भाव बदलते रहना बहुत अच्छा लगा। पहले वह हंस रहा था, फिर अचानक गुस्से में आ गया। उसे लगा कि महारानी ने गंदा काम उसके सिर मढ़ दिया है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ की कहानी में यह धोखा अहम है। वह बाहर खड़ा होकर कोस रहा है कि वह कमине के साथ मजे कर रही है। उसकी आवाज में दर्द साफ झलक रहा है।

बाहर खड़ा शक

दरवाजे के बाहर खड़ा होकर वह सब सुन रहा है। उसे आवाज जानी पहचानी लग रही है। महारानी उसे धक्का देकर भगा रही है कि कल आना। यह जल्दबाजी साफ बताती है कि भीतर कुछ गड़बड़ है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में ऐसे सीन दिलचस्प हैं। वह व्यक्ति जाते जाते बददुआ दे रहा है कि पांच सेकंड में ढेर हो जाए। यह बदला की शुरुआत है।

गुस्से का पैमाना

निकम्मी महारानी कहकर वह अपना गुस्सा जाहिर कर रहा है। उसे लगता है कि उसका इस्तेमाल हुआ है। दृश्य की रोशनी थोड़ी अंधेरी है जो रात के समय को दर्शाती है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में रात के किस्से हमेशा रहस्यमयी होते हैं। उसकी आंखों में नफरत साफ झलक रही है जब वह वहां से जाता है। लाल खंभे पृष्ठभूमि में हैं।

धक्का मिलने के बाद

महारानी ने उसे जबरदस्ती बाहर धकेल दिया। वह समझना नहीं चाह रही कि वह क्या देख रहा है। वह व्यक्ति हैरान है कि आवाज परिचित क्यों लग रही है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में राज खुलने वाले हैं। वह चलते चलते कहता है कि एक पल भी ज्यादा नहीं टिकेगा। यह बदला की शुरुआत है। उसका चेहरा गुस्से से भरा हुआ है।

परिचित आवाज

उसे शक है कि भीतर कौन है। आवाज सुनकर वह चौंक जाता है। महारानी घबराकर उसे भगा रही है। यह घबराहट बताती है कि कोई राज छिपा है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में ऐसे राज ही कहानी चलाते हैं। उस व्यक्ति का संवाद बहुत तीखा है जब वह गंदा काम कहकर निकलता है। उसकी आंखें फटी की फटी रह गई हैं।

महारानी की चाल

महारानी ने सारा गंदा काम उसके लिए छोड़ दिया है। यह सोचकर वह आग बबूला है। भीतर वह किसी कमине के साथ है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में पात्रों के रिश्ते पेचीदा हैं। उस व्यक्ति का जाना और फिर मुड़कर देखना बताता है कि वह वापस आएगा। यह अंत नहीं है। कहानी में अब और मोड़ आएंगे।

पांच सेकंड की बददुआ

जाते जाते उसने कड़ी बददुआ दी है। पांच सेकंड में ढेर हो जाने का श्राप दिया है। यह दिखाता है कि उसका गुस्सा कितना गहरा है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में श्राप हमेशा सच होते हैं। लाल खंभों वाले रास्ते में वह गुस्से में चल रहा है। माहौल बहुत तनावपूर्ण बना हुआ है। दर्शक भी हैरान हैं।

कल आना मत

महारानी बार बार कह रही है कि कल आना। आज नहीं। यह टालमटोल साफ दिख रही है। उस व्यक्ति को लग रहा है कि उसे धोखा दिया गया है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में धोखे की यही निशानी है। उसके कपड़े नीले रंग के हैं जो उदासी को दर्शाते हैं। महारानी के कपड़े रंगीन हैं। यह विपरीत भावनाएं दिखाता है।

रहस्यमयी रात

रात का समय है और दरबार के बाहर खड़े होकर वह सब सुन रहा है। लाल दरवाजे और जालीदार खिड़कियां बहुत सुंदर हैं। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ का मंच सजावट शानदार है। उस व्यक्ति का चेहरा गुस्से से लाल हो रहा है। वह जानता है कि अब खेल बदलेगा। वह चुपचाप नहीं बैठेगा।