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(डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँवां54एपिसोड

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(डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ

महान झोउ के सम्राट रुद्रसिंह ने हूणों को हराकर सारे राज्य जीत लिए। उसे 'तारा खान' कहा गया। पर सत्ता के मोह में उसने अपनी रानी खो दी, फिर सब छोड़कर पुत्र संग सरयू नगर में रहने लगा। एक दिन वफ़ा राज्य की महारानी चंद्रावती, जिसका पीछा दुश्मन कर रहे थे, उसकी झोपड़ी में आ निकली। अनजाने में दोनों के बीच एक रात का संबंध बन गया। रुद्रसिंह का शांत जीवन हमेशा के लिए बदल गया।
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इस एपिसोड की समीक्षा

विशाल का रौब

इस दृश्य में विशाल का गुस्सा साफ दिखाई दे रहा है। जब प्रधानमंत्री ने कहा कि विश्वनाथ नहीं आए, तो विशाल भड़क उठा। लेकिन कलावती ने जब असली सच बताया कि सम्राट ने उन्हें अपना बेटा माना है, तो सबकी बोलती बंद हो गई। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में ऐसे पल बार-बार देखने को मिलते हैं। मुझे यह नाटक बहुत पसंद आ रहा है।

कलावती की ताकत

कलावती की वेशभूषा और उनका अंदाज बहुत ही शानदार है। उन्होंने बिना कुछ कहे ही सबको अहसास दिला दिया कि विशाल कौन हैं। प्रधानमंत्री का डरना स्वाभाविक था। ऐसे ही रोमांचक दृश्य देखने के लिए मैंने (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ शुरू किया था। नेटशॉर्ट ऐप पर यह श्रृंखला काफी लोकप्रिय है।

प्रधानमंत्री की घबराहट

प्रधानमंत्री के चेहरे के भाव देखने लायक थे। पहले वे बहुत आश्वस्त थे, लेकिन जब सच सामने आया तो वे घबरा गए। यह हास्य और नाटक का अच्छा मिश्रण है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ की कहानी में ऐसे मोड़ आते रहते हैं। मुझे यह किरदार बहुत पसंद आया।

दरबार का माहौल

जिंगमिंग गेट का दृश्य बहुत ही भव्य लग रहा है। पृष्ठभूमि में संगीत और संवाद बहुत प्रभावशाली हैं। विशाल और कलावती की जोड़ी जच रही है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में ऐसे दृश्य देखकर मजा आ जाता है। मैं हर कड़ी का इंतजार कर रहा हूं।

असली पहचान

विशाल की असली पहचान का खुलासा बहुत नाटकीय था। प्रधानमंत्री को लगा कि वे ऊपर हैं, लेकिन असली ताकत तो विशाल के पास थी। यह सबक सभी को मिलना चाहिए। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में ऐसे संदेश छिपे हैं। कहानी बहुत गहरी और दिलचस्प है।

संवाद की ताकत

इस कड़ी के संवाद बहुत तीखे और प्रभावशाली हैं। विशाल ने जब पूछा कि किसकी हिम्मत हुई, तो रोंगटे खड़े हो गए। कलावती ने भी बहुत अच्छा साथ निभाया। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ के संवाद यादगार हैं। मुझे यह शैली बहुत पसंद है।

रिश्तों की उलझन

विश्वनाथ और विशाल के रिश्तों में काफी उलझन है। प्रधानमंत्री को लगता है कि वे नियंत्रण में हैं, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में ऐसे पारिवारिक झगड़े देखने को मिलते हैं। यह कहानी हमारे समाज को दर्शाती है।

अभिनय कमाल का

सभी कलाकारों का अभिनय बहुत ही बेहतरीन है। विशेष रूप से प्रधानमंत्री का किरदार निभाने वाले अभिनेता ने कमाल कर दिया। उनके हावभाव बहुत सटीक हैं। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में ऐसे कलाकार हैं जो जान डाल देते हैं। मैं इसकी तारीफ किए बिना नहीं रह सकता।

मोड़ की उम्मीद

हर दृश्य के बाद एक नया मोड़ आता है। जब लगा कि विशाल हार जाएगा, तो कलावती ने सब बदल दिया। यह अनिश्चितता दर्शकों को बांधे रखती है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में ऐसे मोड़ ही जान हैं। मुझे अगली कड़ी देखने की जल्दी है।

कुल मिलाकर शानदार

यह श्रृंखला कुल मिलाकर बहुत ही शानदार है। पोशाक, मंच और कहानी सब कुछ अच्छा है। विशाल और कलावती की जोड़ी देखने लायक है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ को जरूर देखना चाहिए। नेटशॉर्ट पर यह श्रेष्ठ श्रृंखला हो सकती है।