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(डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँवां40एपिसोड

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(डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ

महान झोउ के सम्राट रुद्रसिंह ने हूणों को हराकर सारे राज्य जीत लिए। उसे 'तारा खान' कहा गया। पर सत्ता के मोह में उसने अपनी रानी खो दी, फिर सब छोड़कर पुत्र संग सरयू नगर में रहने लगा। एक दिन वफ़ा राज्य की महारानी चंद्रावती, जिसका पीछा दुश्मन कर रहे थे, उसकी झोपड़ी में आ निकली। अनजाने में दोनों के बीच एक रात का संबंध बन गया। रुद्रसिंह का शांत जीवन हमेशा के लिए बदल गया।
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इस एपिसोड की समीक्षा

चाचा का कमाल का नाटक

चाचा का बहरे होने का नाटक देखकर मेरी हंसी नहीं रुक रही है। वे सब सुन रहे थे बस शादी की बात पर ही जाग गए। यह हास्य समय कमाल की है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ देखना एक ताजी हवा जैसा लगता है। जिस तरह वे बहरे से उत्साही बन जाते हैं वह सोना है। परिवार के झगड़े भी ऐसे ही होते हैं जब स्वार्थ बीच में आ जाता है और सब कुछ भूल जाते हैं। सच में यह दृश्य बहुत ही शानदार है और देखने में बहुत अच्छा लगता है।

लाल पोशाक वाली का गुस्सा

लाल पोशाक वाली बहुत गुस्से में है। उसे शादी के फैसले पर गुस्सा आना जायज है। उसके चेहरे पर असली चोट दिखती है। यह नाटक परिवार के संघर्ष को अच्छे से दिखाता है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में यह देखना दिलचस्प है कि असली ताकत किसके पास है। क्या चाचा सच में बहरे हैं या बस बहाना कर रहे हैं। यह सवाल मन में बना रहता है। हर कड़ी में नया मोड़ आता है जो दर्शकों को बांधे रखता है।

प्रधानमंत्री की चालाकी

प्रधानमंत्री शांत लगते हैं लेकिन चालाक हैं। वे चाचा के लालच का होशियारी से उपयोग करते हैं। उनके हाथ में पंखा उनके रहस्यमयी स्वभाव को बढ़ाता है। मुझे इन राजनीतिक शादियों को खुलते हुए देखना पसंद है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ आपको अनुमान लगाए रखता है। कहानी कभी भी उबाऊ नहीं होती है। हर संवाद महत्वपूर्ण जानकारी देता है। यह शो बहुत ही रोमांचक है और हर पल नया लगता है।

पुराने दृश्य की बारीकी

पुराना दृश्य संरचना सब कुछ अच्छे से समझाती है। दो दिन पहले का दृश्य वर्तमान बहस का कारण बनता है। संक्रमण बहुत सहज है। संपादन बहुत अच्छा है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में समय का उपयोग अच्छे से किया गया है। आपको समझ आता है कि चाचा डांट के बावजूद क्यों खुश हैं। कहानी की गति बिल्कुल सही है। दर्शकों को बांधे रखने के लिए यह जरूरी है और बहुत प्रभावशाली है।

बेटे की मेहनत और मूर्खता

बेटे के मूर्ख लेकिन मेहनती होने की बात हास्यास्पद है। यह माता-पिता के पक्षपात को दिखाता है। चाचा बहुत जल्दी सहमत हो जाते हैं। इस ऐप पर यह देखना लत जैसा है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में बुजुर्ग पात्रों के बीच का मेल अप्रत्याशित है। वे एक दूसरे को अच्छे से जानते हैं। यह दोस्ती देखने में अच्छी लगती है। संवाद बहुत ही मजेदार हैं और हंसी आती है।

वस्त्रों की शानदार सजावट

पोशाकें समृद्ध और विस्तृत हैं। लाल वस्त्र बेज रंग के वस्त्रों के खिलाफ खड़े होते हैं। यह ऐतिहासिक माहौल को पूरी तरह से तय करता है। दृश्य बहुत सुंदर हैं। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ दृश्य रूप से शानदार लगता है। हर दृश्य एक जीवंत चित्रकारी जैसा लगता है। कला निर्देशन पर बहुत ध्यान दिया गया है। यह एक भव्य अनुभव प्रदान करता है। रंगों का चुनाव बहुत अच्छा है और आंखों को सुकून देता है।

शादी का रहस्यमयी वादा

व्यवस्थित शादियां हमेशा नाटक लाती हैं। चाचा द्वारा सबसे अच्छी लड़की खोजने का वादा संदिग्ध है। उनका असली उद्देश्य क्या है। तनाव बना रहता है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ में यह जानने की इच्छा होती है कि दुल्हन कौन होगी। कहानी में रहस्य बना रहता है। हर मोड़ पर नई चुनौती आती है। यह दर्शकों को बांधे रखता है। कहानी बहुत मजबूत है और कहीं भी कमजोर नहीं पड़ती है।

हंसी और गंभीरता का संगम

चाचा की हंसी संक्रामक है। वे उस अराजकता का आनंद लेते हैं जो वे बनाते हैं। यह अदालत के गंभीर माहौल को हल्का करता है। मैं बहुत हंसा। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ नाटक और हास्य को अच्छे से संतुलित करता है। गंभीर दृश्यों के बीच हंसी का होना जरूरी है। यह शो दोनों भावनाओं को संभालता है। मुझे यह संतुलन बहुत पसंद आया। अभिनय बहुत ही लाजवाब है और दिल को छू लेता है।

सत्ता का असली खेल

असल में कमान किसके पास है। प्रधानमंत्री धीरे से लेकिन दृढ़ता से आदेश देते हैं। चाचा खुशी से पालन करते हैं। यह गतिशीलता अच्छे से दिखाई गई है। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ छिपी हुई पदानुक्रम को दिखाता है। सत्ता के खेल हमेशा दिलचस्प होते हैं। कौन किसको नियंत्रित कर रहा है यह देखना रोमांचक है। यह राजनीति का अच्छा चित्रण है। हर किरदार की अपनी महत्वपूर्ण भूमिका है और सब जरूरी हैं।

बेहतरीन अभिनय और कहानी

सभी शामिल लोगों का अभिनय महान है। भाव शब्दों से ज्यादा बताते हैं। कहानी तेजी से आगे बढ़ती है। यह जल्दबाजी में नहीं लगता। (डबिंग) जब महारानी बनी सौतेली माँ अवश्य देखने योग्य है। मैंने कल घंटों बिताए। यह शो बहुत ही आकर्षक है। हर कड़ी के बाद अगला देखने का मन करता है। यह एक बेहतरीन कृति है। मुझे यह शो बहुत पसंद आया है और मैं सबको देखने की सलाह दूंगा।