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माँ का दिल, बेटी की जिदवां18एपिसोड

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माँ का दिल, बेटी की जिद

मोली एक समझदार बच्ची है। वह अपनी माँ काव्या को चेहरे के दागों की वजह से पिता मोहन की तकलीफें देखती है। मोहन ने ज्योति और टीना को साथ रखा है। काव्या की मौत के बाद मोली शादी में घुसकर मर जाती है। फिर मोली एक साल पीछे जाकर जी उठती है। इस बार वह माँ की जान बचाती है, चेहरे का इलाज कराती है, और उन्हें बदमाश पति से छुड़वा देती है। फिर काव्या अपनी एम्ब्रॉयडरी कला से देश की पहली महिला उद्योगपति बन जाती है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

बच्ची की मासूमियत ने जीत लिया दिल

इस दृश्य में छोटी बच्ची का चेहरा और उसकी हरकतें इतनी प्यारी हैं कि देखकर मन खुश हो जाता है। माँ का चेहरा थोड़ा उदास है, लेकिन बेटी की जिद और उसकी मुस्कान सब कुछ बदल देती है। माँ का दिल, बेटी की जिद वाला यह पल बहुत ही भावुक कर देने वाला है। सैनिक का आना और फिर उसका व्यवहार भी दिलचस्प है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे पल देखना बहुत अच्छा लगता है।

सैनिक और माँ के बीच की तनावपूर्ण चुप्पी

जब सैनिक कमरे में आता है, तो माँ के चेहरे पर एक अजीब सी घबराहट दिखाई देती है। वह कुछ छिपाने की कोशिश कर रही है, शायद अपने आंसू या कोई राज। बच्ची बेफिक्र होकर खेल रही है, लेकिन बड़ों के बीच की यह चुप्पी बहुत कुछ कह जाती है। माँ का दिल, बेटी की जिद के बीच यह तनाव बहुत गहरा है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे ड्रामा देखना बहुत रोमांचक होता है।

हरे पेंडेंट का राज क्या है?

माँ ने बच्ची को एक हरा पेंडेंट दिया, जो शायद किसी खास इंसान की निशानी है। जब सैनिक आता है, तो बच्ची उसे वह पेंडेंट दिखाती है। शायद यह पेंडेंट सैनिक से जुड़ा है? माँ की आंखों में डर और बच्ची की मासूमियत के बीच यह रहस्य बहुत दिलचस्प है। माँ का दिल, बेटी की जिद वाला यह मोड़ कहानी को नई दिशा देता है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सस्पेंस देखना बहुत मजेदार है।

माँ के आंसू और बेटी की समझदारी

माँ के चेहरे पर पट्टी लगी है, जो शायद किसी चोट या दुर्घटना की निशानी है। वह आंसू छिपाने की कोशिश कर रही है, लेकिन बच्ची सब समझ गई है। वह माँ का हाथ थामे हुए है, जैसे कह रही हो कि मैं तुम्हारे साथ हूं। माँ का दिल, बेटी की जिद के बीच यह भावनात्मक बंधन बहुत प्यारा है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे पल देखकर दिल भर आता है।

सैनिक का अचानक आना और माँ की घबराहट

जब सैनिक अचानक कमरे में आता है, तो माँ के चेहरे पर एक झटका सा लगता है। वह कुछ बोलने की कोशिश करती है, लेकिन शब्द नहीं निकलते। शायद वह सैनिक से डरती है या फिर कोई पुरानी बात याद आ गई है। बच्ची बेफिक्र होकर सैनिक से बात कर रही है, लेकिन माँ का दिल, बेटी की जिद के बीच यह तनाव बहुत गहरा है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे ड्रामा देखना बहुत रोमांचक होता है।

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