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माँ का दिल, बेटी की जिदवां3एपिसोड

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माँ का दिल, बेटी की जिद

मोली एक समझदार बच्ची है। वह अपनी माँ काव्या को चेहरे के दागों की वजह से पिता मोहन की तकलीफें देखती है। मोहन ने ज्योति और टीना को साथ रखा है। काव्या की मौत के बाद मोली शादी में घुसकर मर जाती है। फिर मोली एक साल पीछे जाकर जी उठती है। इस बार वह माँ की जान बचाती है, चेहरे का इलाज कराती है, और उन्हें बदमाश पति से छुड़वा देती है। फिर काव्या अपनी एम्ब्रॉयडरी कला से देश की पहली महिला उद्योगपति बन जाती है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

शादी के मंडप में शोक का साया

जब खुशी का माहौल अचानक गम में बदल जाए तो दिल दहल जाता है। माँ का दिल, बेटी की जिद में वह छोटी बच्ची जब फोटो लेकर आती है तो सबकी सांसें थम सी जाती हैं। लाल जोड़े और हरे वर्दी वाले लोग बस तमाशबीन बनकर रह गए। उस बच्चे की आंखों में जो दर्द था, वह किसी वयस्क से ज्यादा गहरा लग रहा था। यह दृश्य देखकर रोंगटे खड़े हो गए।

बेटी की मासूमियत और गुस्सा

उस नन्ही सी जान ने कैसे हिम्मत जुटाई होगी, यह सोचकर ही रूह कांप जाती है। माँ का दिल, बेटी की जिद में दिखाया गया वह पल जब वह अपनी मां की तस्वीर को सीने से लगाए खड़ी थी, दिल को चीर गया। दुल्हन और दूल्हे के चेहरे पर हैरानी साफ दिख रही थी। बच्चे का गुस्सा और आंसू किसी भी डायलॉग से ज्यादा असरदार थे। नेटशॉर्ट पर ऐसे इमोशनल सीन देखना सुकून देता है।

टूटी हुई तस्वीर और टूटा हुआ दिल

जब वह फ्रेम जमीन पर गिरा और कांच टूट गया, तो लगा जैसे किसी का दिल टूट गया हो। माँ का दिल, बेटी की जिद की कहानी में यह सबसे दर्दनाक पल था। वह बच्ची जो अपनी मां की याद को संजोकर रखना चाहती थी, उसे धक्का लगना किसी सजा से कम नहीं था। दर्शकों की चुप्पी उस शोर से ज्यादा भारी लग रही थी जो अंदर चल रहा था। ऐसे सीन इंसान को अंदर तक हिला देते हैं।

दोबारा जन्म का रहस्य

कहानी में अचानक मोड़ आता है जब बच्ची बिस्तर पर जागती है। माँ का दिल, बेटी की जिद में यह ट्विस्ट देखकर दिमाग चकरा गया। क्या यह सब एक सपना था या समय के साथ कोई खेल? उस बच्चे की आंखों में पुरानी यादें ताजा थीं। कमरे का माहौल और खिड़की से आती रोशनी ने एक नई उम्मीद जगाई। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसी पहेली सुलझाना बहुत रोमांचक लगता है।

मां का प्यार और बेटी की पहचान

जब वह महिला कढ़ाई कर रही थी और बच्ची उसे देख रही थी, तो लगा जैसे दो आत्माएं एक दूसरे को पहचान रही हों। माँ का दिल, बेटी की जिद में वह नजारा बहुत सुकून भरा था। बच्चे के चेहरे पर कन्फ्यूजन और प्यार दोनों साफ झलक रहे थे। मां का मुस्कुराना और बच्चे का चुपचाप देखना, यह खामोशी बहुत कुछ कह रही थी। ऐसे पल जीवन की खूबसूरती को दर्शाते हैं।

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