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माँ का दिल, बेटी की जिदवां23एपिसोड

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माँ का दिल, बेटी की जिद

मोली एक समझदार बच्ची है। वह अपनी माँ काव्या को चेहरे के दागों की वजह से पिता मोहन की तकलीफें देखती है। मोहन ने ज्योति और टीना को साथ रखा है। काव्या की मौत के बाद मोली शादी में घुसकर मर जाती है। फिर मोली एक साल पीछे जाकर जी उठती है। इस बार वह माँ की जान बचाती है, चेहरे का इलाज कराती है, और उन्हें बदमाश पति से छुड़वा देती है। फिर काव्या अपनी एम्ब्रॉयडरी कला से देश की पहली महिला उद्योगपति बन जाती है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

आंसुओं की कीमत

जब सैनिक वर्दी पहने वह शख्स अपनी बेटी को गले लगाता है, तो दिल पसीज जाता है। माँ का दिल, बेटी की जिद में दिखाया गया है कि कैसे एक पिता अपनी छोटी सी दुनिया को संभालता है। अस्पताल का माहौल और बच्ची का रोना वास्तविक लगता है। यह दृश्य भावनाओं से भरा हुआ है और दर्शकों को बांधे रखता है।

वर्दी वाला प्यार

हरियाली भरी वर्दी में छिपा है एक पिता का प्यार। जब वह अपनी बेटी को समझाता है, तो लगता है जैसे वह खुद को समझा रहा हो। माँ का दिल, बेटी की जिद में यह दृश्य बहुत ही दिल को छू लेने वाला है। बच्ची की आंखों में आंसू और पिता की आवाज में नर्मी देखकर लगता है कि प्यार की कोई सीमा नहीं होती।

अस्पताल की चुप्पी

अस्पताल के कमरे में सन्नाटा है, लेकिन दिलों में शोर है। जब वह शख्स अपनी बेटी को गले लगाता है, तो लगता है जैसे वह उसे दुनिया से बचा रहा हो। माँ का दिल, बेटी की जिद में यह दृश्य बहुत ही भावुक है। बच्ची का रोना और पिता का उसे समझाना दर्शकों को झकझोर देता है।

बेटी की जिद

जब बच्ची रोती है और पिता उसे समझाता है, तो लगता है जैसे वह खुद को समझा रहा हो। माँ का दिल, बेटी की जिद में यह दृश्य बहुत ही दिल को छू लेने वाला है। बच्ची की आंखों में आंसू और पिता की आवाज में नर्मी देखकर लगता है कि प्यार की कोई सीमा नहीं होती।

पिता का साया

जब सैनिक वर्दी पहने वह शख्स अपनी बेटी को गले लगाता है, तो दिल पसीज जाता है। माँ का दिल, बेटी की जिद में दिखाया गया है कि कैसे एक पिता अपनी छोटी सी दुनिया को संभालता है। अस्पताल का माहौल और बच्ची का रोना वास्तविक लगता है। यह दृश्य भावनाओं से भरा हुआ है और दर्शकों को बांधे रखता है।

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