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माँ का दिल, बेटी की जिदवां27एपिसोड

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माँ का दिल, बेटी की जिद

मोली एक समझदार बच्ची है। वह अपनी माँ काव्या को चेहरे के दागों की वजह से पिता मोहन की तकलीफें देखती है। मोहन ने ज्योति और टीना को साथ रखा है। काव्या की मौत के बाद मोली शादी में घुसकर मर जाती है। फिर मोली एक साल पीछे जाकर जी उठती है। इस बार वह माँ की जान बचाती है, चेहरे का इलाज कराती है, और उन्हें बदमाश पति से छुड़वा देती है। फिर काव्या अपनी एम्ब्रॉयडरी कला से देश की पहली महिला उद्योगपति बन जाती है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

अस्पताल का वो पल

जब सैनिक वर्दी में बैठा है और बिस्तर पर लेटी महिला से बात कर रहा है, तो लगता है जैसे कोई गहरा राज़ छिपा हो। बच्ची की मासूमियत और महिला की चुप्पी सब कुछ कह जाती है। माँ का दिल, बेटी की जिद में ऐसे ही पल होते हैं जो दिल को छू लेते हैं। नेटशॉर्ट ऐप पर देखने का मज़ा ही अलग है।

बच्ची की आँखों में सवाल

छोटी बच्ची जब अपने हाथ जोड़कर खड़ी होती है, तो लगता है जैसे वो सब समझ गई हो। उसकी आँखों में सवाल हैं, पर वो कुछ नहीं पूछती। माँ का दिल, बेटी की जिद में ऐसे ही दृश्य होते हैं जो दर्शक को सोचने पर मजबूर कर देते हैं। नेटशॉर्ट ऐप पर ये सीन बहुत प्रभावशाली लगते हैं।

सैनिक की चुप्पी

सैनिक जब बिस्तर के पास बैठकर चुपचाप सुन रहा होता है, तो लगता है जैसे वो अपने अंदर की लड़ाई लड़ रहा हो। उसकी आँखों में दर्द है, पर वो कुछ नहीं कहता। माँ का दिल, बेटी की जिद में ऐसे ही पल होते हैं जो दिल को छू लेते हैं। नेटशॉर्ट ऐप पर देखने का मज़ा ही अलग है।

महिला की मुस्कान

जब महिला बिस्तर पर लेटी हुई मुस्कुराती है, तो लगता है जैसे वो सब कुछ भूल गई हो। उसकी मुस्कान में एक अजीब सी शांति है। माँ का दिल, बेटी की जिद में ऐसे ही पल होते हैं जो दिल को छू लेते हैं। नेटशॉर्ट ऐप पर देखने का मज़ा ही अलग है।

बाहर का दृश्य

जब महिला और बच्ची बाहर चलती हैं, तो लगता है जैसे वो नई शुरुआत कर रही हों। आसमान नीला है, सूरज चमक रहा है, और उनकी मुस्कान में उम्मीद है। माँ का दिल, बेटी की जिद में ऐसे ही पल होते हैं जो दिल को छू लेते हैं। नेटशॉर्ट ऐप पर देखने का मज़ा ही अलग है।

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