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माँ का दिल, बेटी की जिदवां19एपिसोड

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माँ का दिल, बेटी की जिद

मोली एक समझदार बच्ची है। वह अपनी माँ काव्या को चेहरे के दागों की वजह से पिता मोहन की तकलीफें देखती है। मोहन ने ज्योति और टीना को साथ रखा है। काव्या की मौत के बाद मोली शादी में घुसकर मर जाती है। फिर मोली एक साल पीछे जाकर जी उठती है। इस बार वह माँ की जान बचाती है, चेहरे का इलाज कराती है, और उन्हें बदमाश पति से छुड़वा देती है। फिर काव्या अपनी एम्ब्रॉयडरी कला से देश की पहली महिला उद्योगपति बन जाती है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

बच्ची की मासूमियत ने जीत लिया दिल

माँ का दिल, बेटी की जिद में छोटी बच्ची की अदाएं देखकर मन पिघल गया। उसने जब सैनिक के पास जाकर बात की तो लगा जैसे कोई छोटी परी हो। माँ का चेहरा देखकर उसकी चिंता साफ झलक रही थी। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे भावनात्मक दृश्य देखना सुकून देता है।

सैनिक और बच्ची का संवाद जादुई

हरियाली वर्दी वाले सैनिक और नन्ही बच्ची के बीच की बातचीत बहुत प्यारी लगी। माँ का दिल, बेटी की जिद में यह दृश्य सबसे खास था। बच्ची की हर हरकत में मासूमियत थी और सैनिक का धैर्य देखकर अच्छा लगा। नेटशॉर्ट पर ऐसे पल देखना सुखद अनुभव है।

माँ की चिंता और बेटी का प्यार

माँ के चेहरे पर पट्टी देखकर बच्ची की आंखों में चिंता साफ दिख रही थी। माँ का दिल, बेटी की जिद में यह भावनात्मक पल बहुत अच्छे से दिखाया गया है। माँ ने बच्ची को समझाया तो लगा जैसे दोस्त हों। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे दृश्य देखकर मन भर आता है।

ऑफिस का माहौल और बच्ची की शरारत

सरकारी ऑफिस में बच्ची की शरारतें देखकर हंसी आ गई। माँ का दिल, बेटी की जिद में यह दृश्य बहुत हल्का-फुल्का था। सैनिक का चेहरा देखकर बच्ची की उत्सुकता बढ़ गई थी। नेटशॉर्ट पर ऐसे कॉमेडी पल देखना अच्छा लगता है।

दूसरी माँ और बेटी की एंट्री

जब दूसरी माँ और बेटी सीढ़ियों पर आईं तो लगा कहानी में नया मोड़ आने वाला है। माँ का दिल, बेटी की जिद में यह दृश्य रहस्यमयी था। दोनों बच्चियों के कपड़े और अंदाज अलग-अलग थे। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे ट्विस्ट देखना रोमांचक है।

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