शुरुआत में ही माहौल इतना डरावना है कि रोंगटे खड़े हो जाते हैं। जब वह लड़की आईने में देख रही थी और पीछे से दूसरी लड़की आई, तो लगा जैसे कोई भूत आ गया हो। माँ का दिल, बेटी की जिद की कहानी में यह ट्विस्ट बहुत गहरा है। कैंडल की रोशनी और पुराना घर देखकर लगता है जैसे कोई पुराना राज छिपा हो। एक्टिंग इतनी नेचुरल है कि आप भी उस कमरे में होने का अहसास करेंगे।
जब वह माँ सड़क पर गिरकर रो रही थी, तो दिल पसीज गया। उसकी आँखों में बेटी के लिए जो दर्द था, वह शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। माँ का दिल, बेटी की जिद में यह सीन सबसे ज्यादा इमोशनल है। बच्ची को गले लगाने का तरीका और उसकी मासूमियत देखकर आंसू रुक नहीं पाते। नेटशॉर्ट पर ऐसे सीन्स देखकर लगता है जैसे खुद उस दर्द को महसूस कर रहे हों।
वह सैनिक जो बिना कुछ बोले खड़ा था, उसकी चुप्पी में कितनी कहानी छिपी है। शायद वह भी उस बच्ची से जुड़ा हो या फिर उस माँ के दर्द को समझ रहा हो। माँ का दिल, बेटी की जिद में हर किरदार की अपनी कहानी है। उसकी वर्दी और गंभीर चेहरा देखकर लगता है जैसे वह किसी बड़े फैसले के कगार पर हो। ऐसे किरदार कहानी को और भी गहरा बना देते हैं।
वह लड़की जिसका चेहरा गंदा था और बाल बिखरे हुए थे, वह कौन है? क्या वह उस बच्ची की बहन है या फिर कोई और रिश्ता है? माँ का दिल, बेटी की जिद में यह किरदार सबसे ज्यादा रहस्यमयी है। उसकी आँखों में जो उदासी थी, वह बता रही थी कि उसके साथ कुछ बुरा हुआ है। ऐसे किरदार कहानी को और भी दिलचस्प बना देते हैं।
जब वह छोटी बच्ची अपनी माँ को गले लगाती है, तो लगता है जैसे सारा दर्द गायब हो गया हो। उसकी मासूमियत और प्यार देखकर दिल पिघल जाता है। माँ का दिल, बेटी की जिद में यह सीन सबसे ज्यादा प्यारा है। बच्ची की आँखों में जो भरोसा था, वह बता रहा था कि माँ के पास आकर सब ठीक हो जाएगा। ऐसे सीन्स देखकर लगता है जैसे खुद उस पल में जी रहे हों।