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माँ का दिल, बेटी की जिदवां6एपिसोड

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माँ का दिल, बेटी की जिद

मोली एक समझदार बच्ची है। वह अपनी माँ काव्या को चेहरे के दागों की वजह से पिता मोहन की तकलीफें देखती है। मोहन ने ज्योति और टीना को साथ रखा है। काव्या की मौत के बाद मोली शादी में घुसकर मर जाती है। फिर मोली एक साल पीछे जाकर जी उठती है। इस बार वह माँ की जान बचाती है, चेहरे का इलाज कराती है, और उन्हें बदमाश पति से छुड़वा देती है। फिर काव्या अपनी एम्ब्रॉयडरी कला से देश की पहली महिला उद्योगपति बन जाती है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

खुदाई में मिला राज़

जब छोटी बच्ची ने ज़मीन खोदकर पुराना डिब्बा निकाला, तो लगा कोई खज़ाना मिल गया। लेकिन असली खज़ाना तो वो पुराने नोट थे जो एक माँ की यादों से जुड़े थे। माँ का दिल, बेटी की जिद ने सब कुछ बदल दिया। भावनात्मक दृश्य देखकर आँखें नम हो गईं।

बारिश वाली याद

बारिश में सैनिक का चेहरा और ज़मीन पर गिरी हुई माँ की तस्वीर ने दिल छू लिया। बच्ची की मासूमियत और उसकी आँखों में छिपा दर्द साफ़ दिख रहा था। माँ का दिल, बेटी की जिद ने इस कहानी को और गहरा बना दिया। हर फ्रेम में एक नया एहसास था।

चिट्ठी ने बदली कहानी

डाकिए ने जब चिट्ठी दी, तो लगा कोई अच्छी खबर आएगी। लेकिन चिट्ठी पढ़ते ही महिला की आँखों में आँसू आ गए। बच्ची ने भी समझ लिया कि कुछ गड़बड़ है। माँ का दिल, बेटी की जिद ने इस मोड़ को और भी दर्दनाक बना दिया। सच्चाई कभी-कभी बहुत कड़वी होती है।

सड़क पर मिली मुलाकात

बच्ची सड़क पर खड़ी थी और एक आदमी घायल होकर गिरा। उसकी आँखों में डर था, लेकिन बच्ची की आँखों में हिम्मत। माँ का दिल, बेटी की जिद ने इस मुलाकात को एक नया मोड़ दे दिया। लगता है अब कहानी में कुछ बड़ा होने वाला है।

घर में छिपा राज़

जब वो आदमी घर में घुसा और महिला ने उसे देखा, तो दोनों के चेहरे पर हैरानी थी। उसने उसका मुँह बंद कर दिया, जैसे कोई राज़ छिपाना चाहता हो। माँ का दिल, बेटी की जिद ने इस रहस्य को और गहरा कर दिया। अब क्या होगा, ये जानने की उत्सुकता बढ़ गई।

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