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योद्धा का बदलावां10एपिसोड

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योद्धा का बदला

अरुण का परिवार मारा गया, वह गिरकर याददाश्त खो बैठा और राधा के अखाड़े में पला। पंद्रह साल बाद उसने देशद्रोही राकेश को हराया, अपनी असली पहचान बताई। राधा ने काला ताबीज़ की विद्या सीखी। अरुण ने दुश्मनों को मात देकर षड्यंत्र खोला। आखिर में दोनों ने सरगना को मार गिराया। सबने अरुण को संघ का अध्यक्ष चुन लिया।
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इस एपिसोड की समीक्षा

आग और गुस्से का तूफान

शुरुआत में ही आग का दृश्य देखकर रोंगटे खड़े हो गए। सफेद कुर्ता पहने योद्धा की आँखों में जो क्रोध था, वह स्क्रीन से बाहर आता हुआ महसूस हुआ। योद्धा का बदला की कहानी में यह दृश्य सबसे ज्यादा प्रभावशाली लगा। धुएं और आग के बीच लड़ाई का माहौल बहुत ही डरावना और रोमांचक था।

खून के निशान और दर्द

सफेद पोशाक वाली लड़की के मुंह से खून बह रहा था, यह देखकर दिल दहल गया। उसकी आँखों में दर्द और डर साफ झलक रहा था। योद्धा का बदला में ऐसे भावनात्मक दृश्य बहुत कम देखने को मिलते हैं। उस लड़के ने उसे सहारा दिया, यह देखकर लगा कि शायद उम्मीद अभी बाकी है।

ग्रे कुर्ते वाला रहस्य

ग्रे कुर्ता पहने लड़के की चुप्पी और गहरी नजरें सब कुछ कह रही थीं। वह न तो ज्यादा बोला, न ही ज्यादा हिला, लेकिन उसकी मौजूदगी से ही माहौल बदल गया। योद्धा का बदला में ऐसे किरदार ही कहानी को आगे बढ़ाते हैं। उसकी आँखों में एक अजीब सी चमक थी जो खतरनाक लग रही थी।

सफेद कुर्ते का गुस्सा

सफेद कुर्ता पहने आदमी का गुस्सा देखकर लगा कि अब कुछ बड़ा होने वाला है। उसकी आवाज में जो दहाड़ थी, वह पूरे हॉल में गूंज रही थी। योद्धा का बदला में ऐसे दृश्य बहुत कम देखने को मिलते हैं जहां एक व्यक्ति की आवाज से ही माहौल बदल जाए। उसकी आँखों में पागलपन साफ दिख रहा था।

लड़की की चुप्पी और आंसू

लड़की ने कुछ नहीं कहा, बस आंसू बहाए और चुपचाप खड़ी रही। उसकी चुप्पी में जो दर्द था, वह हजार शब्दों से ज्यादा भारी था। योद्धा का बदला में ऐसे दृश्य बहुत ही दिल को छू लेने वाले होते हैं। उसकी आँखों में जो उदासी थी, वह देखकर दिल भर आया।

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