योद्धा का बदला में ग्रे कोट पहने युवक की शांत मुद्रा देखकर लगता है कि वह तूफान से पहले की खामोशी है। जब वह लड़ता है तो उसकी हर चाल में एक अलग ही ऊर्जा होती है। लाल किमोनो वाले सामुराई के सामने वह डरा नहीं, बल्कि मुस्कुराया। यह आत्मविश्वास ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। दर्शकों के चेहरे पर डर और उम्मीद दोनों साफ दिख रहे थे।
लाल किमोनो वाले सामुराई की तलवार देखकर डर लगता था, लेकिन ग्रे कोट वाले ने बिना हथियार के ही उसे चुनौती दी। योद्धा का बदला का यह दृश्य दिलचस्प था क्योंकि इसमें दिखाया गया कि असली ताकत हथियारों में नहीं, बल्कि इंसान के हौसले में होती है। जब सामुराई ने तलवार निकाली तो सबकी सांसें रुक गईं, लेकिन ग्रे कोट वाले ने बिना डरे उसका सामना किया।
सफेद कपड़े पहने युवक के कपड़ों पर खून के दाग देखकर लगता है कि वह पहले ही किसी लड़ाई से लौटा है। योद्धा का बदला में यह विवरण बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह बताता है कि कहानी में हिंसा का स्तर कितना ऊंचा है। जब वह चिल्लाता है तो लगता है कि वह बदला लेने के लिए तैयार है। उसकी आँखों में गुस्सा और दर्द दोनों साफ दिख रहे थे।
नीली साड़ी पहनी युवती के चेहरे पर चिंता साफ दिख रही थी। योद्धा का बदला में उसकी भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि वह दर्शकों की भावनाओं को प्रतिबिंबित करती है। जब लड़ाई शुरू हुई तो वह डर गई, लेकिन फिर भी वह वहीं खड़ी रही। यह दिखाता है कि वह कितनी बहादुर है। उसकी आँखों में आंसू थे, लेकिन वह रोई नहीं।
लाल किमोनो वाले सामुराई की मुस्कान देखकर लगता है कि वह लड़ाई का आनंद ले रहा है। योद्धा का बदला में उसका किरदार बहुत जटिल है क्योंकि वह एक तरफ खतरनाक है, तो दूसरी तरफ वह मुस्कुराता भी है। जब वह तलवार घुमाता है तो लगता है कि वह नाच रहा है। उसकी हरकतें देखकर लगता है कि वह अपने आप में मगन है।