लाल किमोनो वाला योद्धा इतना घमंडी क्यों है? उसकी आँखों में सिर्फ नफरत दिख रही है। जब उसने तलवार निकाली, तो हॉल में सन्नाटा छा गया। लेकिन ग्रे कोट वाले लड़के ने जो कदम बढ़ाया, वो सीधा दिल में उतर गया। योद्धा का बदला देखकर लगता है कि ये लड़ाई सिर्फ ताकत की नहीं, इज्जत की है।
जिसने सफेद कुर्ता पहना था, उसके सीने पर खून का धब्बा देखकर रोंगटे खड़े हो गए। वो चिल्ला रहा था, लेकिन उसकी आवाज़ में दर्द था। शायद वो पहले ही हार चुका था। योद्धा का बदला की कहानी में ये पल सबसे ज्यादा इमोशनल था। काश वो बच जाता।
फर्श पर बिखरी गुलाब की पंखुड़ियाँ और बीच में दो योद्धा—एक तलवार लिए, दूसरा खाली हाथ। ये दृश्य इतना सुंदर और खतरनाक था कि सांस रुक गई। ग्रे कोट वाले ने जो मुद्रा बनाई, वो किसी जादू जैसी लग रही थी। योद्धा का बदला में ऐसे विजुअल्स कमाल के हैं।
सफेद साड़ी वाली लड़की की आँखों में डर नहीं, गुस्सा था। वो सब कुछ देख रही थी, लेकिन चुप थी। जब उसने मुँह खोला, तो लगा जैसे वो कुछ बोलने वाली है, लेकिन फिर चुप हो गई। योद्धा का बदला में उसका किरदार सबसे ज्यादा रहस्यमयी लगा।
लाल किमोनो वाले के माथे से पसीना टपक रहा था, लेकिन उसकी मुस्कान नहीं गई। उसने तलवार ऐसे घुमाई जैसे हवा को चीर रहा हो। सामने वाले ने बिना हथियार के मुकाबला किया—ये हिम्मत की बात है। योद्धा का बदला में एक्शन सीन्स दिल धड़का देने वाले हैं।