जब वो लाल कुर्ता पहने योद्धा तलवार निकालता है, तो हॉल में सन्नाटा छा जाता है। सफेद पोशाक वाली लड़की की आँखों में डर साफ दिख रहा था, जैसे वो जानती हो कि अब खून बहने वाला है। योद्धा का बदला की ये शुरुआत किसी आम झगड़े से नहीं, बल्कि एक खतरनाक चुनौती से होती है जो रोंगटे खड़े कर देती है।
पहले लगा कि ये बस एक सुंदर नृत्य प्रदर्शन है, लेकिन जैसे ही पर्दे गिरे और लड़कियों ने तलवारें संभालीं, माहौल बदल गया। गुलाब की पंखुड़ियों के बीच ये खूनी खेल देखकर हैरानी हुई। योद्धा का बदला में ऐसे मोड़ आते हैं जो दर्शक को कुर्सी से चिपका देते हैं, बिल्कुल वैसा ही जैसे यहाँ हुआ।
ग्रे कुर्ता वाले शख्स का चेहरा देखकर लगता है कि वो इस लड़ाई के लिए तैयार नहीं था, लेकिन उसकी आँखों में एक अजीब सी चमक थी। सामने खड़ा लाल पोशाक वाला योद्धा अपनी ताकत के घमंड में चूर है। योद्धा का बदला की कहानी में ये अहंकार की टक्कर सबसे दिलचस्प हिस्सा बन गई है।
नकाबपोश लड़कियों का आगमन और फिर उनका रूप बदलना, ये सीन किसी जादू से कम नहीं था। लेकिन जब उन्होंने तलवारें निकालीं, तो समझ आया कि ये जादू नहीं, मौत का नाच है। योद्धा का बदला में ऐसे दृश्य बार-बार देखने को मिलते हैं जो खूबसूरती और खतरे का अनोखा मिश्रण पेश करते हैं।
हॉल में इतना सन्नाटा था कि साँस लेने की आवाज़ भी सुनाई दे रही थी। लाल योद्धा की हरकतें इतनी तेज थीं कि पलक झपकते ही उसने हमला बोल दिया। योद्धा का बदला के इस एपिसोड में एक्शन की रफ्तार और डायलॉग की तीखापन देखने लायक है, जो दर्शक को बांधे रखता है।