जब नीली पोशाक वाली लड़की ने अपनी मांसपेशियां दिखाईं, तो पूरा हॉल सन्न रह गया। उसकी आंखों में आत्मविश्वास और चेहरे पर मुस्कान देखकर लगता है कि वह किसी चुनौती से डरती नहीं है। योद्धा का बदला में ऐसे दृश्य दर्शकों को बांधे रखते हैं। काली पोशाक वाले आदमी का हैरान होना स्वाभाविक था।
लाल पोशाक वाली लड़की पूरे दृश्य में शांत रही, लेकिन उसकी आंखें सब कुछ देख रही थीं। जब नीली पोशाक वाली ने अपनी ताकत दिखाई, तो उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, बस मुस्कुराई। यह चुप्पी उसके चरित्र की गहराई को दर्शाती है। योद्धा का बदला में ऐसे पात्र दर्शकों को आकर्षित करते हैं।
काली पोशाक वाला आदमी शुरू में आत्मविश्वास से भरा लग रहा था, लेकिन जब नीली पोशाक वाली ने अपनी ताकत दिखाई, तो उसका चेहरा बदल गया। उसकी आंखों में डर और हैरानी साफ दिख रही थी। योद्धा का बदला में ऐसे मोड़ दर्शकों को रोमांचित करते हैं। उसकी प्रतिक्रिया बहुत प्राकृतिक लगती है।
पूरा हॉल पारंपरिक चीनी शैली में सजा हुआ है, जिसमें लालटेन और लकड़ी के दरवाजे खास लगते हैं। जब नीली पोशाक वाली ने अपनी ताकत दिखाई, तो सूरज की रोशनी खिड़कियों से आकर उस पर पड़ रही थी, जो दृश्य को और भी ड्रामेटिक बना रही थी। योद्धा का बदला में ऐसे सेट डिजाइन दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं।
सफेद पोशाक वाले आदमी पीछे खड़े थे और सब कुछ देख रहे थे। जब नीली पोशाक वाली ने अपनी ताकत दिखाई, तो उनकी प्रतिक्रियाएं अलग-अलग थीं - कुछ हैरान, कुछ डरे हुए। योद्धा का बदला में ऐसे सहायक पात्र मुख्य किरदारों की ताकत को और भी उजागर करते हैं। उनकी मौजूदगी दृश्य को जीवंत बनाती है।