जब वो लड़की ज़मीन पर गिरती है और खून की बूंदें उसके होंठों से टपकती हैं, तो सच में सांस रुक जाती है। योद्धा का बदला में ऐसे दृश्य दिखाते हैं कि दर्शक खुद को उसकी जगह महसूस करने लगता है। उसकी आंखों में डर और बेबसी साफ झलकती है, जैसे वो चिल्लाना चाहती हो पर आवाज़ न निकले।
ग्रे कोट वाला युवक जब ज़मीन पर गिरता है और उसकी आंखें बंद हो जाती हैं, तो लगता है जैसे कोई बड़ा रहस्य खुलने वाला हो। योद्धा का बदला की कहानी में हर गिरावट के पीछे कोई न कोई साजिश छिपी होती है। उसकी सांसें धीमी होती हैं, पर चेहरे पर एक अजीब सी शांति है, जैसे वो कुछ देख रहा हो जो हम नहीं देख सकते।
नीली रोशनी में वो बूढ़ा आदमी जब चिल्लाता है, तो उसकी आंखों से आंसू और गुस्सा दोनों बह रहे होते हैं। योद्धा का बदला में ऐसे किरदार दिखाते हैं जो सिर्फ दर्द नहीं, बल्कि बदले की आग भी लेकर चलते हैं। उसकी आवाज़ में वो दर्द है जो सालों से जमा हुआ हो, और अब फटने वाला हो।
जब वो छोटा बच्चा रोता है, तो उसकी आंखों से आंसू की धारा बहती है और उसकी आवाज़ में वो बेबसी है जो किसी भी दिल को पिघला दे। योद्धा का बदला में ऐसे दृश्य दिखाते हैं कि दर्शक खुद को रोक नहीं पाता। उसकी सांसों में डर है, और उसकी उंगलियां ज़मीन को पकड़े हुए हैं जैसे कोई सहारा ढूंढ रहा हो।
वो आदमी जो सफेद कुर्ता पहने खड़ा है, उसकी आंखों में कोई दया नहीं है। योद्धा का बदला में ऐसे विलेन दिखाते हैं जो बिना सोचे-समझे दूसरों को दर्द देते हैं। जब वो उस लड़की के ऊपर पैर रखता है, तो उसकी मुस्कान में वो क्रूरता है जो दर्शक को झकझोर देती है।