लाल कुर्ता पहने लड़की की आँखों में डर और गुस्सा दोनों साफ़ दिख रहे हैं। जब वो कुर्सी पर बंधी होती है, तो लगता है जैसे योद्धा के बदले की कहानी अभी शुरू हुई है। धुएं के बीच उसका चेहरा भावनाओं से भरा है।
काले ड्रेगन वाले कोट में आदमी का अहंकार हर दृश्य में झलकता है। वो हंसता है, डंडा घुमाता है, लेकिन अंत में उसकी आँखों में डर साफ़ दिखता है। योद्धा के बदले में ऐसा खलनायक देखकर मज़ा आ गया।
जब लड़की के चारों ओर धुआं फैलता है, तो लगता है जैसे कोई जादू हो रहा हो। योद्धा के बदले का ये दृश्य सबसे ज्यादा तनावपूर्ण है। बैकग्राउंड में खड़े आदमी भी डरे हुए लग रहे हैं।
लड़की के हाथ पीछे बंधे हैं, लेकिन उसकी उंगलियां हिल रही हैं। ये छोटी सी बारीकी बताती है कि वो हार नहीं मान रही। योद्धा के बदले में ऐसे छोटे-छोटे पल ही कहानी को आगे बढ़ाते हैं।
पहले वो ज़ोर से हंसता है, फिर अचानक उसका चेहरा बदल जाता है। जब लड़की छूट जाती है, तो उसकी आँखें फैल जाती हैं। योद्धा के बदले में ये मोड़ बहुत अच्छा लगा।