लाल किमोनो पहने हुए सैमुराई का अहंकार देखकर गुस्सा आता है। उसने बेचारे चीनी योद्धा को इतना मारा कि खून बहने लगा, फिर भी वह हंस रहा है। योद्धा का बदला में ऐसे दृश्य दिल दहला देते हैं। काश कोई उसे सबक सिखा दे। उसकी मुस्कान में छिपी क्रूरता असली खलनायक जैसी लगती है।
जब वह लड़की अपने घायल साथी को संभाल रही थी, तो उसकी आंखों में डर और गुस्सा दोनों साफ दिख रहे थे। योद्धा का बदला में ऐसे इमोशनल मोमेंट्स कहानी को गहराई देते हैं। वह सिर्फ खड़ी नहीं रही, बल्कि मदद के लिए आगे बढ़ी। उसका साहस और संवेदनशीलता दोनों ही तारीफ के लायक हैं।
वह लड़का जो ग्रे कोट पहने चुपचाप खड़ा है, उसके चेहरे पर कोई डर नहीं है। शायद वह अगला हीरो होने वाला है। योद्धा का बदला में ऐसे किरदार अक्सर छिपे हुए हुनर रखते हैं। उसकी शांत मुद्रा बताती है कि वह बड़े प्लान के साथ आया है। मुझे लगता है वह जल्द ही एक्शन में कूदेगा।
पूरा हॉल तनाव से भरा हुआ है। लकड़ी की संरचना और पुराने जमाने का सेट डिजाइन बहुत असली लगता है। योद्धा का बदला में ऐसे सेट्स दर्शकों को उस युग में ले जाते हैं। लाल पर्दे और हथियारों की मौजूदगी खतरे का अहसास कराती है। हर कोने से लगता है कि कुछ भी हो सकता है।
सैमुराई की तलवार से खून टपक रहा है और वह जोर-जोर से हंस रहा है। यह दृश्य योद्धा का बदला का सबसे यादगार पल है। उसकी हंसी में पागलपन झलकता है। ऐसा लगता है कि उसे दूसरों का दर्द देखकर मजा आता है। ऐसे विलेन हमेशा कहानी में रोमांच बढ़ाते हैं।