वह आदमी जो सफेद कुर्ता पहने है, उसकी मुस्कान में एक अजीब सा घमंड है। जैसे वह जानता हो कि आज का दिन उसके नाम है। लेकिन जब वह लड़की सामने आई, तो उसकी आँखों में डर झलकने लगा। योद्धा का बदला की कहानी में यह पल सबसे ज्यादा तनावपूर्ण था। क्या वह सच में इतना ताकतवर है या बस दिखावा कर रहा है?
जब वह लड़की सामने आई, तो सबकी सांसें रुक गईं। उसकी आँखों में डर नहीं, आग थी। जैसे वह जानती हो कि आज वह अपने गुरु का बदला लेगी। योद्धा का बदला में यह दृश्य सबसे ज्यादा दिल को छू गया। उसकी हरकतें धीमी थीं, लेकिन हर कदम में एक वादा था - आज वह हारेगी नहीं।
क्या कभी सोचा है कि एक ब्रश और तलवार कैसे टकरा सकते हैं?योद्धा का बदला में यह दृश्य बिल्कुल नया लगा। जब उसने ब्रश उठाया, तो लगा जैसे वह कोई कलाकार हो, लेकिन जब वह लड़ी, तो पता चला कि वह एक योद्धा है। यह मिश्रण बहुत ही अनोखा था।
सबसे ज्यादा दिलचस्प बात यह थी कि पीछे खड़े लोग कुछ बोल नहीं रहे थे। उनकी चुप्पी में एक डर था, एक उम्मीद थी। योद्धा का बदला में यह विवरण बहुत गहरा था। जैसे वे जानते हों कि आज का फैसला उनके भविष्य को बदल देगा। उनकी आँखों में सवाल थे, लेकिन जुबान पर ताला।
जब धुआं छाया और वह लड़का सामने आया, तो लगा जैसे कोई भूत आ गया हो। योद्धा का बदला में यह दृश्य सबसे ज्यादा रहस्यमयी था। उसकी हरकतें धीमी थीं, लेकिन हर कदम में एक ताकत थी। क्या वह सच में कोई जादूगर है या बस एक अच्छा कलाकार?