लाल कालीन पर होने वाला यह मुकाबला देखकर रोंगटे खड़े हो गए। काले कपड़ों वाले योद्धा की ताकत के सामने नीली पोशाक वाला शख्स बिल्कुल शांत रहा। जैसे ही उसने वार किया, सामने वाला धड़ाम से गिर गया। भीड़ की चीखें और विजेता का घमंडी चेहरा सब कुछ इतना असली लगा कि सांस रुक गई। योद्धा का बदला देखने का इंतजार नहीं हो रहा।
पहले मुकाबला और फिर अचानक दृश्य बदलकर एक अंधेरे कमरे में। लाल कपड़े वाली लड़की कुर्सी से बंधी हुई है और सामने बैठा आदमी उसे डरा रहा है। उसकी आंखों में डर और गुस्सा साफ दिख रहा था। वह आदमी छड़ी से उसे छूकर मजाक उड़ा रहा था। यह दृश्य बहुत तनावपूर्ण था और कहानी में एक नया मोड़ लाया।
जब नीली पोशाक वाले ने अपने प्रतिद्वंद्वी को हराया, तो पीछे खड़े लोग पागलों की तरह चिल्लाने लगे। एक बुजुर्ग व्यक्ति के मुंह से खून बह रहा था फिर भी वह खुश था। यह दिखाता है कि यह लड़ाई सिर्फ दो लोगों के बीच नहीं, बल्कि दो गुटों के बीच की दुश्मनी थी। विजेता की मुस्कान में एक अलग ही अहंकार था जो बहुत प्रभावशाली लगा।
काली पोशाक वाला वह शख्स जो लड़की के सामने बैठा था, उसकी हरकतें बहुत डरावनी थीं। वह छड़ी को ऐसे घुमा रहा था जैसे कोई खेल खेल रहा हो। लड़की की बेबसी और उसकी आंखों में आया आंसू दिल को छू गया। यह दृश्य योद्धा का बदला के आगामी संघर्ष की पृष्ठभूमि तैयार करता है। खलनायक का किरदार बहुत गहराई से लिखा गया है।
वीडियो की शुरुआत में जो पुरानी इमारतें और लालटेनें दिखाई दीं, उन्होंने एक अलग ही ऐतिहासिक माहौल बना दिया। यह सेटिंग कहानी को एक जमाने में ले जाती है जहां सम्मान और ताकत का कानून चलता था। लाल कालीन वाला मंच और पीछे की भीड़ सब कुछ बहुत व्यवस्थित और नाटकीय लगा। दृश्य बहुत सुंदर थे।