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प्रतिशोध की डोरवां14एपिसोड

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प्रतिशोध की डोर

लोहित राजवंश की बेटी आधुनिक युग में सौतेली माँ द्वारा निर्वासित 'मीनाक्षी चतुर्वेदी' के रूप में पुनर्जन्म लेती है। दो वर्ष पश्चात् स्वार्थी चतुर्वेदी परिवार उसे विवाह के लिए बुलाता है। अब JS — विश्व प्रसिद्ध कढ़ाई कलाकार बन चुकी मीनाक्षी 'चतुर्वेदी समूह' पर अधिकार पाने के लिए मायाजाल रचती है। प्रतिशोध के इस समर में 'जितेश बंसल' का निश्छल प्रेम उसके अंतर्मन को जीत लेता है। अंततः मीनाक्षी प्रतिशोध संग अपना सच्चा प्रेम भी पा लेती है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

दादी की नज़र में सब कुछ साफ़ है

बूढ़ी दादी का चेहरा देखकर लगता है कि वे सब कुछ जानती हैं। जब उन्होंने वह ब्रॉच देखा, तो उनकी आँखों में एक अजीब सी चमक थी। शायद यह कोई साधारण गहना नहीं, बल्कि परिवार के किसी पुराने राज़ की चाबी है। नेटशॉर्ट ऐप पर प्रतिशोध की डोर देखते हुए लगा कि दादी का रोल सबसे ज्यादा गहरा है।

गुलाबी पोशाक वाली लड़की की मुस्कान खतरनाक है

जिस लड़की ने गुलाबी पोशाक पहनी है, उसकी मुस्कान के पीछे छिपा इरादा बहुत साफ़ दिख रहा है। वह ब्रॉच देकर जैसे किसी जाल में फंसा रही हो। बाकी लड़कियों के चेहरे पर हैरानी और गुस्सा साफ़ झलक रहा था। प्रतिशोध की डोर की कहानी में यह मोड़ बहुत ही रोमांचक लगा।

सफ़ेद और नीली साड़ी वाली की मासूमियत झूठी

शुरुआत में वह लड़की बहुत मासूम लग रही थी, लेकिन जब ब्रॉच का मामला सामने आया, तो उसके चेहरे के भाव बदल गए। लगता है वह भी इस खेल का हिस्सा है। नेटशॉर्ट पर प्रतिशोध की डोर देखकर लगा कि यहाँ कोई भी वैसा नहीं है जैसा दिखता है।

बालकनी वाला सीन और लाल लिफाफा

जब दो लड़के बालकनी में खड़े थे और एक ने लाल लिफाफे पर दस्तखत किए, तो लगा कि कहानी में कोई बड़ा ट्विस्ट आने वाला है। वह लिफाफा शायद किसी सौदे या वादे का सबूत है। प्रतिशोध की डोर का यह हिस्सा बहुत ही सस्पेंस से भरा हुआ था।

काली साड़ी वाली की खामोशी बोलती है

काली साड़ी पहनी लड़की कुछ नहीं बोल रही थी, लेकिन उसकी आँखें सब कुछ कह रही थीं। लगता है वह इस साजिश को सबसे पहले समझ गई थी। नेटशॉर्ट ऐप पर प्रतिशोध की डोर देखते हुए उसकी खामोशी सबसे ज्यादा शोर मचा रही थी।

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