ऑफिस के बीचों-बीच इतना बड़ा ड्रामा! काले पोशाक वाली लड़की ने सफेद पोशाक वाली महिला को थप्पड़ मारने की कोशिश की, लेकिन उल्टा खुद जमीन पर गिर गई। यह दृश्य देखकर लगता है कि प्रतिशोध की डोर में भावनाएं कितनी तीव्र हैं। उसकी आंखों में गुस्सा और निराशा साफ झलक रही थी।
सफेद पोशाक वाली महिला ने जब काले पोशाक वाली लड़की को थप्पड़ मारा, तो उसका चेहरा बिल्कुल शांत था। ऐसा लग रहा था जैसे वह इसी पल का इंतजार कर रही हो। प्रतिशोध की डोर में ऐसे दृश्य दर्शकों को बांधे रखते हैं। उसकी आंखों में एक अजीब सी चमक थी जो डरावनी भी लग रही थी।
पूरा ऑफिस इस झगड़े को देखकर स्तब्ध रह गया। कर्मचारी अपने काम से ध्यान हटाकर इस नाटक को देख रहे थे। प्रतिशोध की डोर में ऐसे दृश्य दिखाते हैं कि कैसे व्यक्तिगत झगड़े कार्यस्थल को प्रभावित करते हैं। हर किसी के चेहरे पर हैरानी और डर साफ दिखाई दे रहा था।
जब बूढ़े आदमी ने ऑफिस में प्रवेश किया, तो पूरा माहौल बदल गया। उसने काले पोशाक वाली लड़की को उठाया और स्थिति को संभाला। प्रतिशोध की डोर में ऐसे पात्र दिखाते हैं कि कैसे अनुभवी लोग मुश्किल वक्त में काम आते हैं। उसकी आवाज में अधिकार और चिंता दोनों झलक रहे थे।
काले पोशाक वाली लड़की जब जमीन पर गिरी, तो उसकी आंखों में आंसू और शर्म दोनों थे। यह दृश्य दिल को छू लेने वाला था। प्रतिशोध की डोर में ऐसे पल दिखाते हैं कि कैसे इंसान अपनी गलतियों का सामना करता है। उसकी कमजोरी और टूटन साफ दिखाई दे रही थी।